PhD के बाद अब करेरा की बिटिया ने बोधगया में संभाला प्रोफेसर का कार्यभार

  • Share on :

करेरा। करेरा की निवासी डॉ. नेहा लाक्षाकार ने मगध विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर का पदभार संभाला है। उन्होंने जीवाजी विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। उन्होंने अपनी इस यात्रा का श्रेय अपने माता पिता  को दिया है। नेहा लाक्षाकार अपनी प्रारंभिक शिक्षा से ही मेधावी रहीं हैं।उन्होंने 12th में करेरा के ही शासकीय गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल से टॉप किया था। इसके पश्चात उन्होंने जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर से शिक्षा पूरी की और यहीं से PHD पूर्ण की।अपनी मेधावी प्रकृति के कारण उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई कॉलेज और आंबेडकर कॉलेज में गेस्ट प्रोफेसर हिंदी के रूप में भी पढ़ाया हुआ है। नेहा ,श्री  मति सुनीता लाक्षाकार और श्री महेश कुमार लाक्षाकार की पुत्री हैं।उन्होंने प्रथम प्रयास में ही यूजीसी-जेआरएफ परीक्षा भी उत्तीर्ण की ।नेहा का हमेशा से मानना रहा है कि लड़कियों को सिर्फ अच्छा घर देखकर शादी करने के लिए नहीं पढ़ाना चाहिए बल्कि उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए उन्हें अपने तरीके से जिंदगी जीने के लिए पढ़ाना चाहिए। 
पीएचडी के दौरान, डॉ नेहा लाक्षाकार के कई शोध-आलेख यूजीसी केयर सूचीबद्ध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए। भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा "पंच परिवर्तन" पर आने वाली पत्रिका में भी डॉ नेहा ने अपना शोध आलेख प्रकाशित करवाया है। हाल ही में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती महाविद्यालय में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" कार्यक्रम में जूरी मेंबर की जिम्मेदारी संभाली थी।अकादमिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें एक गंभीर शोधार्थी और विचारक के रूप में पहचान दिलाई।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper