सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करने अजाक्स ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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ब्यूरो चीफ दिव्यानंद अर्गल 
ग्वालियर।  म.प्र. अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने समाज में सौहार्द बिगाड़ने वालों के साथ अजाक्स प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के विरूद्ध की गई मनमानी कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्ट्रेट पहुंचकर संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन दिया।  संभागीय अध्यक्ष केबी दोहरे एवं जिलाध्यक्ष विजय कुमार पिपरोलिया ने ज्ञापन में कहा है 23 नवंबर को भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में नवनियुक्त प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा आदिवासी वर्ग से आते हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता, सद्भाव और जातिवाद उन्मूलन की दिशा में एक सकारात्मक, संवैधानिक एवं बाबा साहेब की विचारधारा पर आधारित 27 मिनट का भाषण दिया। उनका वक्तव्य रोटी-बेटी के संबंधों द्वारा समाजिक समरसता, एकता, हिंदू एकाकारता तथा जाति-पांति से ऊपर उठकर मानवता एवं संविधान को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है। किंतु कुछ तथाकथित समाज विरोधी तत्व, दलित एवं आदिवासी विरोधी मानसिकता रखने वाले समूह के साथ निजी स्वार्थ से प्रेरित संगठन आईएएस संतोष वर्मा के उद्बोधन को जानबूझकर, तोड़ मरोड़कर 7 सेकंड की वीडियो क्लिप बनाकर भ्रामक तरीके से सामाजिक वैमनस्य फैलाने हेतु प्रस्तुत कर रहे हैं। यह न केवल संविधान की मूल भावना समानता, बंधुत्व, सामाजिक न्याय के विपरीत है, बल्कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का भी दु:साहस है। साथ ही गंभीर चिंता यह है कि मप्र शासन द्वारा बिना उचित विचार विमर्श, तथ्यों की निष्पक्ष जांच एवं कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना आईएएस वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जो प्रदेश में यह संदेश देता है कि सरकार आदिवासी एवं वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील न होकर केवल औपचारिकता निभा रही है। यह सीधे-सीधे संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 21, 38(2) एवं 46 की आत्मा के विपरीत है, जो सामाजिक न्याय, समानता एवं संरक्षण की गारंटी देते हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट संस्थान एमआईटीएस में कार्यरत मशीन अटेंडेंट मुकेश मौर्य एवं बल्लभ भवन भोपाल में पदस्थ सुधीर नायक के साथ मिलकर अजाक्स संगठन की छवि धूमिल करने के साथ समाज में जातीय तनाव फैलाने एवं निजी लाभ हेतु प्रदेश में जातीय उकसाने का माहौल तैयार कर रहे हैं। मुकेश मौर्य के विरुद्ध अजाक्स द्वारा 17,95,000 के गबन का मामला दर्ज करने के लिए एसपी तथा पुलिस थाना टीटी नगर में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्यवाही प्रचलन में है। ऐसे में इन व्यक्तियों द्वारा अजाक्स के नाम का दुरुपयोग कर समाजिक वैमनस्य फैलाना गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्यायपूर्ण समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश के एससी, एसटी समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। ज्ञापन में प्रांतीय सचिव होतम सिंह मौर्य, प्रांतीय संयुक्त सचिव शैलेंद्र प्रताप कदम, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अतर सिंह जाटव, संभागीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण जाटव, जिला उपाध्यक्ष एनडी मौर्य, वीरेंद्र जयंत, राममूर्ति सेंगर,सीताराम डण्डौतिया, बलवीर सिंह हाकिम सिंह चौकोटिया, सीमा सोलंकी रजनी कुशवाह, अंकिता धाकड बलबंत मिलन, आलोक बौद्ध, लक्ष्मण सिंह, जितेंद्र कंसोटिया,विजय रेंगर, यूएस दोहरे, राजेंद्र आर्य,जीएस गौतम, विनोद दोहरे, उमाशंकर दोहरे, राकेश पारया, प्रभाकर खटीक, जनवेद जाटव, बबीता धाकड आदि उपस्थित रहे। 

अजाक्स संघ की ये है प्रमुख मांगे

 अजाक्स के प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के विरुद्ध जारी कारण बताओ नोटिस को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। 

 समाज में जातीय तनाव एवं वैमनस्य फैलाने वाले व्यक्तियों, समूहों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जाए। 

 शासन एक स्वतंत्र समिति गठित करें, जो इस प्रकरण की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि आदिवासी एवं वंचित वर्ग के वरिष्ठ अधिकारियों को बिना कारण प्रताड़ित न किया जाए।

 सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता के संवर्धन हेतु अंतर्जातीय विवाह (अनुलोम-विलोम विवाह) योजना को अधिक सशक्त रूप में लागू किया जाए।

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