हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर अल्का सोनकर रिलीव, दिनेश नरगावे बने इंदौर सेंट्रल जेल के नए अधीक्षक
पत्रकार : खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर। इंदौर सेंट्रल जेल में अधीक्षक पद को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। हाईकोर्ट से स्थायी राहत नहीं मिलने के बाद जेल मुख्यालय ने तत्काल प्रभाव से अल्का सोनकर को पदमुक्त कर दिया। उनके स्थान पर दिनेश नरगावे ने नए जेल अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
सूत्रों के अनुसार, अल्का सोनकर ने अपने भोपाल तबादले के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। प्रारंभिक सुनवाई में उन्हें अंतरिम राहत मिली थी, लेकिन बाद की सुनवाई में यह राहत आगे जारी नहीं रह सकी। इसके बाद जेल मुख्यालय ने तबादला आदेश लागू करते हुए उन्हें रिलीव कर दिया।
देर रात हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद दिनेश नरगावे ने इंदौर सेंट्रल जेल की कमान संभाल ली। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यों और बंदियों से जुड़े मामलों की समीक्षा शुरू कर दी।
इंदौर सेंट्रल जेल प्रदेश की सबसे संवेदनशील जेलों में शामिल है, जहां कई हाई-प्रोफाइल बंदी निरुद्ध हैं। ऐसे में अधीक्षक का पद लंबे समय तक रिक्त न रहे, इसे ध्यान में रखते हुए जेल मुख्यालय ने तत्काल नई नियुक्ति लागू की।
प्रशासनिक बदलाव के बाद अब जेल कर्मचारियों और अधिकारियों की नजर नए अधीक्षक की कार्यशैली पर रहेगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में जेल प्रशासन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, हालांकि फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा जेल संचालन को सुचारु बनाए रखने पर रहेगी।

