अयोध्या दान चोरी कांड में बड़ा खुलासा: कर्मचारी के झपकी लेते ही पार करते थे नोटों की गड्डी, मोबाइल खोलेंगे कई और राज

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अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से तीन अनुकल्प मिश्रा, लवकुश और करुणेश ने वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर भी खूब कमाई की है। इनका संपर्क कई नामी होटलों, ट्रेवल्स और टूर ऑपरेटरों से मिला है। प्रतिष्ठित होटलों में इनका सिक्का चलता था। यहां खूब रुपए लुटाए जाते रहे। इनके मोबाइल फोन की जांच में कई खुलासे सामने आ रहे हैं। इनके सीने में कई राज दफन हैं। इसीलिए इनसे बार-बार पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने सोमवार को इन तीनों को कस्टडी रिमांड पर देने की न्यायालय से मांग की है। मंगलवार को एक बार फिर इनसे कई जानकारियों की पुष्टि की जाएगी। इससे पहले भी आरोपियों ने कई अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं जिसमें कई अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है।
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच की कार्रवाई जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे परत दर परत मामला खुलता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि सभी आरोपियों को प्रतिदिन चोरी हुए रुपयों की जानकारी होती थी। एक साथ बैठकर सभी बंटवारा करते थे। सूत्र बताते हैं कि गणना कक्ष में कुछ बुजुर्ग कर्मचारियों के होने का फायदा आरोपी उठाते थे। एक जगह पर ज्यादा देर बैठने के कारण जैसे कुछ कर्मचारी झपकी लेते थे यह उसी समय नोट की गड्डी पार कर देते थे।
सूत्र बताते हैं कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि महीने के ज्यादातर दिनों में सभी प्रतिष्ठित होटल में दिल खोलकर रुपया खर्च करते थे। होटल कर्मचारियों को भी टिप के नाम पर खूब रकम देते थे। ज्यादातर होटल में इनके नाम का सिक्का चलता था क्योंकि होटल में रुकने वाले ग्राहकों को वीआईपी दर्शन इन्हीं लोगों के माध्यम से कराया जाता था। इनकी ठसक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वाहन पास न होने के बावजूद यह मंदिर के समीप तक वाहनों को पहुंचा देते थे।
सूत्रों ने जानकारी दी है कि पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से कई ट्रैवेल एजेंसी और टूर गाइड के नंबर मिले हैं। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान यह बताया है कि यह लोग उनके संपर्क में रहते थे। अब पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिलने लगी है कि राम मंदिर में चोरी ही नहीं, अन्य माध्यमों द्वारा रुपया कमाया जाता रहा है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

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