अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी: 8 नामजद आरोपियों का आया पूरा 'कच्चा चिट्ठा', जानिए किस पर क्या है आरोप
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में दर्ज एफआईआर में शामिल आठ नामजद आरोपी मंदिर में सेवादार/कर्मचारी बताए जा रहे है। यह सभी चढ़ावा की हेराफेरी में शमिल थे। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद से ही इनकी भूमिका को लोग संदिग्ध बता रहे थे। जिन पर कार्रवाई करने की मांग भी उठ ही थी। इनमें से कई पर मंदिर में काम करने वाले पूर्व कर्मचारियों ने भी आरोप लगाए थे। मामले में इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद इनको लेकर पूर्व में चल रही चर्चाओं को बल मिला है। अब लोगो को जांच में इनकी भूमिका, आरोपों को लेकर पूरी सच्चाई व इनके अपराध करने के तरीके के सामने आने का इंतजार है।
अविनाश शुक्ला
अभी तक हुई चर्चाओं में राममंदिर में सेवादार के रुप में इसके काम करने का दावा किया जा रहा है। इस दौरान चढ़ावे की रकम चुराने का इसके उपर आरोप है। इस सिंडिकेट में यह शामिल बताया जा रहा है।
करुणेश पांडेय
मंदिर के बैंक खाते व मैनुअल रसीद के मिलान जालसाजी करने में इसके शामिल होने का आरोप अभी तक रामनगरी में हुई चर्चाओं में लोग लगा रहे है। इसके साथ में नगदी को छुपाने में मद्द का भी आरोप है।
मनीष यादव
इसके उपर दानपात्रों से नगद व आभूषणों की चोरी में आरोपियों का साथ देने का आरोप लग रहा है। संदिग्ध जगहों पर इसकी उपस्थिति को लेकर चर्चाएं हो रही है।
लवकुश मिश्र
दान में आयी नगदी में गबन की धनराशि को ठिकाने लगाने का आरोप इससे पहले इसके उपर लगा था। इसके घर से लाखों रुपये की रिकवरी करने की बात भी सामने आई थी।
रमा शंकर मिश्र
सेवादारों व कर्मचारियों के साथ में मिलकर चढ़ावा गबन के आपराधिक साजिश रचने में शामिल होने का आरोप इसके उपर है। गबन की राशि को ट्रस्ट की नजरों से बचाने में इसके भी शामिल रहने का दावा है।
सुभाष श्रीवास्तव
यह गणना इंचार्च थे। एक बैंक से रिटायर हैं। मंदिर परिसर में काउंटिंग और फंड ट्रांसफर के दौरान अनियमितताओं को बढ़ावा देने का आरोप इनके उपर है। चोरी के माल को संरक्षण देने और हेरफेर को छिपाने का आरोप भी इनके उपर लगा है।
अनुकल्प मिश्र
अनुकल्प मिश्र के ऊपर चढ़ावे के पैसो की गिनती के दौरान हेराफेरी का आरोप था। दावा किया जा रहा था कि मंदिर में काम करने के दौरान उसकी आय से अधिक सम्पत्ति हो गई। इसके साथ ही महंगे वाहन खरीदने की भी बात सामने आई थी।
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के ऊपर पूरे मामले का सूत्रधार होने का आरोप पहले लग से रहा था। दान पेटियों की चाभी अनाधिकृत रुप से इसे अपने पास रखने का दावा किया जाता रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि टिन्नू अपने पास वॉकी टॉकी भी रखता था।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

