बाकल पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश: झारखंड के 3 आरोपी गिरफ्तार, ₹2.10 लाख की ठगी का खुलासा
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर
कटनी ।बाकल पुलिस ने मोबाइल चोरी और साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए झारखंड के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बाकल बाजार से पीड़ित शंकरलाल महतो का मोबाइल फोन 26 जून 2026 को गुम हो गया था। इसके बाद पीड़ित के बचत और केसीसी खातों से 29 जून, 30 जून और 01 जुलाई 2026 के दौरान कुल ₹2,10,000 की अवैध निकासी कर ली गई। 02 जुलाई को साइबर पुलिस पोर्टल के माध्यम से शिकायत मिलने पर बाकल थाने में अपराध क्रमांक 287/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी दौरान 15 अगस्त 2026 को झिंझरी क्षेत्र में घूम रहे तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने 26 जून को बाकल बाजार से मोबाइल चोरी करने और खाते से रकम निकालने की बात स्वीकार की।
पकड़े गए आरोपी:
तिवारी महतो (35 वर्ष), निवासी साहिबगंज (झारखंड)
उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो (39 वर्ष), निवासी साहिबगंज (झारखंड)
रोनू महतो, निवासी साहिबगंज (झारखंड)
आरोपियों ने बताया कि वे पिछले एक साल से जबलपुर के दीनदयाल चौक के पास किराए के मकान में रहकर वारदात अंजाम दे रहे थे। गिरोह के सदस्य ऐसे मोबाइलों को निशाना बनाते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। इसके बाद यूपीआई पिन सेट कर पैसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे और मोबाइल पश्चिम बंगाल (मालदा) निवासी अपने साथी करीम शेख उर्फ साजन को भेज देते थे।
आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया है। इन्होंने कटनी के बहोरीबंद और बाकल के अलावा जबलपुर जिले के सिहोरा, गढ़ा, लार्डगंज तथा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी वारदातें करना कबूला है।

