कपिलधारा योजना में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़,20 हजार रुपये की रिश्वत लेते सरपंच और सरपंच पति लोकायुक्त के हत्थे चढ़े
अतुल जैन
(कुएं के भुगतान के एवज में मांगी थी घूस, ग्वालियर लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई से खनियाधाना में मचा हड़कंप)
खनियाधाना। शिवपुरी जिले के खनियाधाना जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जुंगीपुर में बुधवार को ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत की सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी कपिलधारा योजना के तहत बनाए गए कुएं के निर्माण का भुगतान जारी कराने के बदले हितग्राही से रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया।
(भुगतान रोककर बनाई रिश्वत की शर्त)
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत जुंगीपुर निवासी राहुल सिंह यादव ने वर्ष 2025 में कपिलधारा योजना के अंतर्गत अपने खेत पर कुएं का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्होंने योजना के तहत मिलने वाली राशि के भुगतान के लिए पंचायत में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। आरोप है कि भुगतान स्वीकृत करने के बजाय सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी। बिना रिश्वत दिए भुगतान नहीं होने की बात कहे जाने पर हितग्राही मानसिक रूप से परेशान हो गया।
(लोकायुक्त से की शिकायत, शुरू हुआ गोपनीय सत्यापन)
रिश्वत की मांग से परेशान राहुल सिंह यादव ने 3 जुलाई 2026 को ग्वालियर स्थित लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की गई।
(बुधवार सुबह बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही दबोच लिया)
पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार सुबह करीब 10 बजे फरियादी 20 हजार रुपये की रिश्वत की राशि लेकर सरपंच के निवास, जो खनियाधाना में उपजेल के पीछे स्थित है, पहुंचा। जैसे ही सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने फरियादी से रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से आसपास मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की राशि भी मौके से बरामद कर ली गई।
(कार्रवाई के बाद फैली अफवाहें, दिनारा रेस्ट हाउस में पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया)
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद खनियाधाना कस्बे में कुछ ही मिनटों में खबर फैल गई। हालांकि टीम आरोपियों और फरियादी को तत्काल अपने साथ लेकर रवाना हो गई, जिससे करीब तीन घंटे तक किसी को यह जानकारी नहीं मिल सकी कि कार्रवाई करने वाली टीम आरोपियों को कहां लेकर गई है। इस दौरान कस्बे में यह अफवाह भी फैल गई कि कार्रवाई करने वाली टीम फर्जी थी। बाद में जानकारी मिली कि लोकायुक्त की टीम आरोपियों को लेकर पिछोर थाना क्षेत्र से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित दिनारा रेस्ट हाउस पहुंची, जहां पंचनामा, दस्तावेजी कार्रवाई और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
(अनुभवी अधिकारियों ने संभाली कार्रवाई की कमान)
पूरे ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व लोकायुक्त निरीक्षक उपेंद्र दुबे एवं निरीक्षक अंजली शर्मा ने किया। टीम में प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, आरक्षक प्रशांत कुशवाहा, अंकेश शर्मा, सुरेंद्र सेमल, आरिफ खान, बिसंबर भदौरिया, बलबीर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। पूरी कार्रवाई विधिवत पंचों की मौजूदगी में संपन्न कराई गई।
(भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज)
लोकायुक्त पुलिस ने सरपंच केशवती कोली एवं उनके पति खेमचंद कोली के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनसे जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
(सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल)
कपिलधारा योजना किसानों और ग्रामीण हितग्राहियों के लिए चलाई जाने वाली महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना है। ऐसे में योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आने से पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह सख्ती से कार्रवाई होती रही तो सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
(इनका कहना है)
"वर्ष 2025 में ग्राम पंचायत झुन्गीपुरा निवासी राहुल सिंह यादव ने 'कपिलधारा' योजना के तहत कुएँ का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सामग्री भुगतान संबंधी बिल पर हस्ताक्षर कराने के एवज में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती केशवती कोली एवं उनके पति खेमचंद कोली द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसके सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 8 जुलाई 2026 को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए सरपंच एवं उनके पति को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इस प्रकरण में ग्राम पंचायत सचिव की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। ट्रैप कार्रवाई पहले पिपरोल में प्रस्तावित थी, लेकिन सर्किट हाउस उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे दिनारा में संपन्न किया गया।"
(उपेन्द्र दुबे, लोकायुक्त निरीक्षक)

