मंदिरों में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का किया गया आह्वान

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रिपोर्टर :- सलीम हुसैन 
झाबुआ। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के दूसरे फेज में समाज के प्रभावशाली माध्यमों को जोड़ते हुए धार्मिक स्थलों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही है। शासन निर्देशानुसार मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारे के साथ-साथ विवाह से जुड़े सेवा प्रदाता जैसे वेडिंग हॉल, बैंडबाजा, कैटरिंग, टैंट हाउस, विवाह पत्रिका प्रिटिंग को अभियान में शामिल किया गया है।
          इसी तारतम्य में कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री आर एस बघेल के मार्गदर्शन में 08 जनवरी 2026 को वन स्टॉप सेंटर झाबुआ की टीम द्वारा गायत्री परिवार के सदस्य के सहयोग से शहर में स्थित गायत्री शक्तिपीठ मदिर में बाल विवाह के प्रति जागरूकता कार्यक्रम एवं बाल विवाह से संबंधित पोस्टर चस्पा किया गया।
          कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की केसवर्कर  सोनम बामनिया एवं परामर्शदाता  रानू राठौर द्वारा बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका अथवा 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन दण्डनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह में सहयोग करने या प्रोत्साहित करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध जुर्माने व करावास का प्रावधान है। गायत्री शक्तिपीठ की जिला समन्वयक श्रीमती नलिनी ने आम जन से अपील की यदि कही भी बाल विवाह की जानकारी या शंका हो तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाईन 1098, पुलिस 112 अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें तथा झाबुआ जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सहयोग करे। अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा के समूल उन्मूलन का संदेश दिया गया।

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