CCTV के ब्लाइंड स्पॉट का फायदा और टॉयलेट में कैश: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी का चौंकाने वाला तरीका आया सामने

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लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में दान के पैसों में हुई हेराफेरी को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से हुई पूछताछ के बाद पुलिस जांच का दायरा काफी बढ़ गया है। हिरासत में हुई लगभग दो घंटे की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले कई खुलासे किए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि चोरी की गई नकदी को पकड़े जाने से बचाने के लिए पहले मंदिर परिसर के भीतर बने शौचालय में छिपाया जाता था और फिर सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर इसे धीरे-धीरे छोटी किस्तों में बाहर निकाला जाता था।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस रैकेट में शामिल लोगों ने दान-काउंटिंग सेंटर के लेआउट, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, आने-जाने के रास्तों और स्टाफ के मूवमेंट पैटर्न का बारीकी से अध्ययन किया था।
जब एक आरोपी गिने जा रहे दान के पैसों से नकदी निकालता था तो बाकी आरोपी उसके चारों ओर इस तरह खड़े हो जाते थे कि कैमरों का विजन ब्लॉक हो जाए। इस तरह मानव ढाल बनाकर कैमरे की नजरों से चोरी को छिपाया जाता था। सीसीटीवी के ब्लाइंड स्पॉट्स का फायदा उठाकर निकाली गई नकदी को सीधे परिसर के शौचालय में ले जाकर छिपा दिया जाता था।
इस खुलासे के बाद पुलिस अब परिसर के भीतर नकदी के मूवमेंट का सीन रिक्रिएशन कर रही है। साथ ही उन शौचालय की जिम्मेदारी संभालने वाले सफाई और रखरखाव कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने कोई संदिग्ध गतिविधि या नोटों से भरे छिपे हुए पैकेट देखे थे।
अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में यह भी बताया कि बेहद सुरक्षित माने जाने वाले दान-गणना कक्ष की दो चाबियों में से एक चाबी सह-आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ तिन्नू के पास रहती थी, जबकि उसका नकदी गिनने के काम से कोई सीधा संबंध नहीं था। दूसरी चाबी काउंटिंग की निगरानी करने वाले बैंक अधिकारियों के पास होती थी। पुलिस अब न्यायिक हिरासत में बंद तिन्नू से इस दावे की तस्दीक करेगी कि क्या चाबी तक पहुंच होने के कारण उसे रूम में अनाधिकृत प्रवेश की सुविधा मिली।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

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