सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद चंदन नगर टीआई इंद्रमणि पटेल हटाए गए: 165 केस में 'पॉकेट गवाह' बनाने का गंभीर आरोप

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सह संपादक - दीपक वाड़ेकर
​इंदौर। जुआ-सट्टा और एनडीपीएस (NDPS) जैसे गंभीर मामलों में फर्जी या 'पॉकेट गवाहों' के जरिए केस तैयार करने वाले चंदन नगर टीआई इंद्रमणि पटेल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पद से हटा दिया गया है। माननीय न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला ने टीआई की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई है।
​कानून के छात्र ने उजागर किया फर्जीवाड़ा
​इस पूरे मामले का खुलासा कानून के छात्र असद अली वारसी ने किया। उन्होंने कोर्ट में एक विस्तृत सूची पेश की, जिसमें बताया गया कि इंद्रमणि पटेल के कार्यकाल (23 अक्टूबर 2023 से 23 अक्टूबर 2024) के दौरान दर्ज 165 प्रकरणों में चुनिंदा लोगों को ही बार-बार गवाह बनाया गया था।
​प्रमुख नाम: इन प्रकरणों में सलमान (निवासी नालापार) और आमिर (निवासी आमवाला रोड) को मुख्य रूप से गवाह बनाया गया था।
​कोर्ट की टिप्पणी: न्यायमूर्ति ने सवाल उठाया कि हर आपराधिक घटना के वक्त आमिर और सलमान ही क्यों मौजूद रहते हैं? उन्होंने टीआई से कहा, "तुम दुर्भाग्य से उस कुर्सी पर बैठे हो, हम आपका आतंक समझ सकते हैं"।
​लाइन हाजिर और विभागीय कार्रवाई
​सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार शाम टीआई इंद्रमणि पटेल को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए। डीसीपी जोन-4 आनंद कलादगी ने भी टीआई को हटाए जाने की पुष्टि की है।
​बचाव में टीआई की दलील
सुनवाई के दौरान टीआई इंद्रमणि पटेल खुद कोर्ट में मौजूद थे। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि ये प्रकरण उनके द्वारा दर्ज नहीं किए गए हैं और इसमें विवेचकों (Investigating Officers) की लापरवाही हो सकती है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि थाना प्रभारी होने के नाते यह आपकी सीधी जिम्मेदारी है।
​क्या होते हैं 'पॉकेट गवाह'?
​सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुसार, अक्सर आबकारी और एनडीपीएस मामलों में जब ग्रामीण या स्थानीय लोग गवाही देने से इनकार कर देते हैं, तो पुलिस अपने संपर्क के कुछ खास लोगों का नाम गवाह के तौर पर हर केस में डाल देती है। इन्हें ही तकनीकी भाषा में 'पॉकेट गवाह' कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल केस को कागजों पर मजबूत करने के लिए किया जाता है।
​अगली सुनवाई: इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 फरवरी को होनी तय है।

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