छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती

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दिनांक: 19 फरवरी 2026
संपादकीय | रणजीत टाइम्स विशेषांक


भारत की धरती पर अनेक वीरों ने जन्म लिया, परंतु छत्रपति शिवाजी महाराज जैसा स्वाभिमानी, दूरदर्शी और जननायक इतिहास में विरले ही हुए हैं। 19 फरवरी 1630 को जन्मे शिवाजी महाराज ने उस समय “हिंदवी स्वराज्य” का स्वप्न देखा, जब देश पर परकीय शक्तियों का वर्चस्व था।
उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस, संगठन और नीति के बल पर मराठा साम्राज्य की स्थापना की। उनकी गुरिल्ला युद्ध नीति (गनिमी कावा) ने शक्तिशाली शत्रुओं को भी परास्त कर दिया। रायगढ़, प्रतापगढ़ और सिंहगढ़ जैसे किले केवल पत्थरों के ढांचे नहीं, बल्कि स्वतंत्रता की अमिट पहचान हैं।
शिवाजी महाराज का शासन न्याय, धर्मनिरपेक्षता और स्त्री सम्मान पर आधारित था। उन्होंने सदैव प्रजा को सर्वोपरि माना। महिलाओं के सम्मान की रक्षा उनके शासन का अटल नियम था। उन्होंने सशक्त नौसेना का निर्माण कर समुद्री सीमाओं को सुरक्षित किया, जो उस समय एक क्रांतिकारी पहल थी।
आज के दौर में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब शिवाजी महाराज का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि—
राष्ट्र सर्वोपरि है
संगठन और अनुशासन ही शक्ति है
साहस और नीति से हर संकट पर विजय पाई जा सकती है
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपने स्वाभिमान और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का दिन है। आइए, हम सब उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
 जय भवानी! जय शिवाजी! 
सादर,

 


आपका गोपाल गावंडे
मुख्य संपादक, रणजीत टाइम्स 
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