मुख्यमंत्री डॉ. ने समाधान ऑनलाइन के तहत लंबित शिकायतों का किया निपटारा, लापरवाही पर 20 कर्मचारियों पर निलंबन और नोटिस की कार्रवाई

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को समाधान ऑनलाइन के तहत लंबित समस्याओं का समाधान किया और कई अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान 20 शासकीय सेवकों के खिलाफ निलंबन और नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रदाय की समस्या का समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए। समाधान ऑनलाइन में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज विभिन्न प्रकरणों को सुलझाते हुए मुख्यमंत्री ने सीहोर, मऊगंज और अन्य जिलों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निर्धन वर्ग के व्यक्तियों को इस तरह से परेशान होना पड़े। यह अनुचित ही नहीं अपराध भी है। इस तरह के प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाइन में आई शिकायतों के संदर्भ में यह भी निर्देश दिए कि इस स्वरूप की शिकायतें जिन भी जिलों में लंबित हैं, उनमें तत्काल संबंधित अधिकारी समाधान की कार्यवाही करवाएं।
फील्ड इंजीनियर की सेवा समाप्त, ठेकेदार पर जुर्माना 
पेयजल समस्या से संबंधित एक प्रकरण में सीहोर जिले के भंवर सिंह पटेल ने ग्राम पंचायत बरखेड़ी में पानी न पहुंच पाने की शिकायत की थी। इस प्रकरण में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि ठेकेदार फर्म मेसर्स विश्वा पर 37 हजार 469 की शास्ति अधिरोपित की गई है। नल जल योजना के क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर कर घरेलू नल कनेक्शनों में जलापूर्ति प्रारंभ करवा दी गई है। इसी तरह मऊगंज के शिकायतकर्ता सुनील कुमार साहू की शिकायत पर डेढ़ वर्ष से पाइप लाइन के टूट जाने से जल प्रदाय में आ रही दिक्कत को दूर कर दिया गया है। इस मामले में भी संबंधित ठेकेदार केएनके कंपनी को तत्काल कार्य करवाने के निर्देश दिए गए। इस प्रकरण में परियोजना इकाई में पदस्थ फील्ड इंजीनियर की सेवाएं समाप्त की गई है। शिकायत का निराकरण समय पर न करने के लिए उत्तरदायी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के उपयंत्री, परियोजना प्रबंधक और सहायक परियोजना प्रबंधक को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन में विलंब करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए।
रोजगार सहायक की सेवा समाप्त 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले की दुर्गाबाई विश्वकर्मा द्वारा कूप निर्माण के लिए समय पर कार्रवाई न करने के मामले में जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और सहायक यंत्री की दो-दो वेतनवृद्धि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी किए गया है। साथ ही गंभीर लापरवाही के दोषी ग्राम रोजगार सहायक को सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी किया गया। इस प्रकरण में सचिव ग्राम पंचायत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कायतकर्ता को कूप निर्माण के लिए 72 हजार 372 रुपये का भुगतान करवा दिया गया है।
सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को नोटिस 
समाधान ऑनलाइन में खंडवा जिले के दिनेश कलमे ने नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना में राशि मिलने में हुई देर की शिकायत की थी। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक, जिला कोषालय अधिकारी और नि:शक्त कल्याण शाखा के प्रभारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जनपद पंचायत खालवा को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
छात्रवृत्ति समय पर न देने पर चेतावनी 
सिंगरौली जिले की एक शिकायत में छात्रवृत्ति की राशि का समय पर भुगतान न होने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी और संबंधित अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए। इसी तरह प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ग्वालियर जिले के एक आवेदक को राशि का भुगतान किया गया और योजना के क्रियान्वयन में सुधार की दिशा में कार्यवाही की गई।
नायब नाजिर निलंबित, तहसीलदार को नोटिस 
मुख्यमंत्री ने रीवा जिले के घनानंद द्विवेदी के आवेदन पर 20 हजार रूपए की राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण में आकाशीय बिजली गिरने से आवेदक द्वारा पशुधन की हानि के फलस्वरूप मुआवजा राशि का आवेदन लगभग सात महीने पहले किया गया था। इस प्रकरण में विलंब के लिए नायब नाजिर को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही लापरवाही के दोषी तहसीलदार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। रमेश जाटव को मकान की किस्त, राकेश रिछारिया को आयुष्मान योजना की राशि और आशाराम लोधी को गौ-संवर्धन योजना में मिला लाभ
आवास योजना की राशि समय पर न मिलने पर दोषी कर्मचारी दंडित 
मुख्यमंत्री ने ग्वालियर के रमेश जाटव की आवास योजना की राशि न मिलने के संबंध में कलेक्टर ग्वालियर को परीक्षण कर दोषी कर्मचारियों को दंडित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर द्वारा सीएम हेल्पलाइन में गलत जानकारी दर्ज करने के दोषी सीएमओ को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। आवेदक जाटव को आवास योजना की तीसरी किस्त की राशि का भुगतान हो गया है। 
अस्पताल पर तीन गुना अर्थदंड लगाया 
इसी तरह छतरपुर के राकेश कुमार रिछारिया को समाधान ऑनलाइन के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना में 26 हजार 747 रूपए की राशि का भुगतान हो गया है। आवेदक ने 5 माह पूर्व उपचार करवाया था लेकिन अस्पताल द्वारा अनुबंध का उल्लघंन कर अनाधिकृत रूप से राशि वसूल की गई। संबंधित अस्पताल पर तीन गुना अर्थदंड 80 हजार 241 रूपए अधिरोपित किया गया।
ऋण स्वीकृत में देरी पर कार्रवाई 
मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ जिले के प्रकरण में आवेदक आशाराम लोधी को आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना में ऋण स्वीकृत में विलंब के लिए दोषी कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। आवेदक को योजना के अनुदान के रूप में 30 हजार 982 रुपये की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी जैसी संस्थाओं से भी हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं, ऋण और अनुदान योजनाओं में जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया जाए जिससे उनकी भागीदारी से गरीब कल्याण की योजनाओं में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। मुख्य सचिव ने इस प्रकरण में शीघ्र स्वीकृति के लिए जिला स्तर पर बैंकर्स कमेटी के माध्यम से कार्रवाई के निर्देश दिए।
आवेदिका को मिली प्रसूति सहायता
समाधान ऑनलाइन में गुना जिले से मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना (संबल) के अंतर्गत पात्रता के अनुसार प्रसूति सहायता न मिलने का आवेदन आया था। इस प्रकरण में हितग्राही को योजना की राशि प्रदान कर दी गई है। विलंब के दोषी मेटरनिटी वार्ड इंचार्ज, मेटरनिटी विंग डाटा एंट्री ऑपरेटर, तत्कालीन सीएम हेल्पलाइन डाटा एंट्री ऑपरेटर, लेखापाल जिला चिकित्सालय गुना को 7-7 दिन के मानदेय/वेतन कटौती का दंड दिया गया। इसी तरह आरएमओ जिला चिकित्सालय गुना, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय गुना और संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ग्वालियर संभाग को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। 
आवेदक को बंधक मुक्ति प्रमाण-पत्र मिला
दतिया जिले के शिकायतकर्ता रोहित ने आवेदक बुद्ध सिंह द्वारा भारतीय स्टेट बैंक दतिया शाखा द्वारा बंधक मुक्ति प्रमाण-पत्र जारी करने की शिकायत की गई। आवेदक ने केसीसी के सभी भुगतान कर दिए गए, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा तहसील में बंधक मुक्ति का पत्र नहीं भेजा गया। इस प्रकरण में आवेदक ने ऋण नहीं लिया था लेकिन उसकी संपत्ति बंधक बना दी गई थी। इस शिकायत का समाधान गत 21 मार्च को कर दिया गया है। सिवनी जिले में बच्चे, बच्चियों, महिलाओं के गुम होने और अपहरण के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के मामले में टीआई और एसडीओपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
साभार अमर उजाला

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