जिला अस्पताल के उन्नयन एवं डिजिटाइजेशन पर कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
जिला अस्पताल में डॉक्टर्स के साथ विस्तृत बैठक कर की समीक्षा
रिपोर्टर :- सलीम हुसैन
झाबुआ। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने आज जिला अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा सभी चिकित्सकों की विस्तृत बैठक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अस्पताल की वर्तमान कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, सेवाओं की गुणवत्ता एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल के समग्र उन्नयन के लिए एक विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, जिसमें आधारभूत संरचना, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा मानव संसाधन की आवश्यकताओं को समाहित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से अस्पताल में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तथा समस्त सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से पूर्णतः डिजिटाइज करने पर जोर दिया, जिससे कार्य में पारदर्शिता, गति एवं दक्षता सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी चिकित्सकों को सेवा भाव एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की समझाइश दी। उन्होंने निर्देश दिए कि ड्यूटी राउंड के लिए स्पष्ट एवं समयबद्ध प्रोटोकॉल निर्धारित किए जाएं, जिससे प्रत्येक मरीज की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। साथ ही मरीजों के डायग्नोसिस नोट्स को सुव्यवस्थित एवं मानक प्रारूप में दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि उपचार प्रक्रिया में निरंतरता एवं स्पष्टता बनी रहे।
कलेक्टर ने अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटाइज्ड टोकन आधारित प्रणाली लागू करने की बात कही, जिससे अनावश्यक भीड़ एवं अव्यवस्था को रोका जा सके तथा मरीजों को सुगम एवं व्यवस्थित सेवाएं प्राप्त हों।
इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने दवाओं के भंडारण एवं वितरण प्रणाली को भी डिजिटाइज करने के निर्देश दिए, ताकि दवाओं की उपलब्धता, उपयोग एवं निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके। उन्होंने अस्पताल से होने वाले रेफरल की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे अनावश्यक रेफरल मामलों में कमी लाई जा सके तथा अधिकतम उपचार जिला स्तर पर ही संभव हो सके। साथ ही संपूर्ण अस्पताल संचालन के लिए भी SOP निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों एवं उनके परिजनों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए जागरूकता बढ़ाने एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने उपस्थित चिकित्सकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण का आश्वासन देते हुए कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस दौरान सहायक कलेक्टर आशीष कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी एस बघेल, एवं डॉक्टर्स उपस्थित रहे।

