सरदारपुर थाना परिसर में सामुदायिक प्रशिक्षण का आयोजन, फायर सेफ्टी, प्राथमिक उपचार व नशा मुक्ति पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

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दिलीप पाटीदार 
सरदारपुर। क्षेत्र में जन-जागरूकता बढ़ाने और आपात स्थितियों में लोगों को सक्षम बनाने के उद्देश्य से सरदारपुर थाना परिसर में एक दिवसीय सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीपसिंह परिहार सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार जाधव राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार, रिंगनोद चौकी प्रभारी, गुलाब सिंह भयडीया,  सरदारपुर सिविल अस्पताल के डॉ दिपक सोलंकी, स्थानीय नागरिकों, युवाओं, पत्रकार तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। 
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को आग लगने जैसी आकस्मिक घटनाओं से निपटने, दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार प्रदान करने तथा नशे के दुष्प्रभावों तथा महीला सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने फायर सेफ्टी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। 
इसके साथ डॉ दिपक सोलंकी ने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के सत्र में चोट, जलने, बेहोशी, रक्तस्राव जैसी आपात स्थितियों में तुरंत किए जाने वाले उपायों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि दुर्घटना के शुरुआती क्षणों में सही प्राथमिक उपचार देने से कई बार व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। प्रतिभागियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) सहित अन्य जरूरी तकनीकों की जानकारी दी गई रिंगनोद चौकी प्रभारी गुलाब सिंह भयडीया ने महीला सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने रोड़ सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। 
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग नशा मुक्ति जागरूकता पर केंद्रित रहा।  इस दौरान सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीपसिंह परिहार ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।
थाना प्रभारी अनिल कुमार जाधव ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें।

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