"श्मशान की चौखट पर भी भ्रष्टाचार की आहट! छितरी में अधूरे निर्माण और घटिया सामग्री पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा"
श्मशान घाट के चबूतरे को मिट्टी से समतल करने, टीनशेड की गुणवत्ता पर उठे सवाल; ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव पर लगाए गंभीर आरोप।
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ: हेमंत भार्गव
नरवर संवाददाता: जितेंद्र परिहार
नरवर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत छितरी एक बार फिर विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर चर्चाओं में है। यहां निर्माणाधीन श्मशान घाट में किए जा रहे कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील और सार्वजनिक व्यवस्था होनी चाहिए, वहां भी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
भारत न्यूज 24 की टीम जब नरवर संवाददाता जितेंद्र परिहार के साथ मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के चबूतरे को मजबूत निर्माण के बजाय केवल मिट्टी डालकर समतल किया जा रहा है, जबकि लगाए जा रहे टीनशेड की गुणवत्ता भी बेहद निम्न स्तर की बताई जा रही है। उनका कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाले इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर मानकों की अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच चुनाव जीतने के बाद गांव में शायद ही कभी दिखाई देते हैं। पंचायत के अधिकांश कार्य सचिव या ठेकेदारों के भरोसे संचालित किए जाते हैं, जिससे निर्माण कार्यों की निगरानी प्रभावित हो रही है। कुछ ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि पंचायत का संचालन जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से अधिक "भगवान भरोसे" चलता दिखाई देता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट निर्माण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि निर्माण कार्यों में अनियमितता या घटिया सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
(नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

