गौशाला निर्माण अधूरा,बना भ्रष्टाचार का गढ़
व्यूरो रिपोर्ट-प्रदीप सिंह बघेल
शहडोल। जिले के बुढ़ार जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत जमगांव में गौशाला निर्माण कार्य भ्रष्टाचार का शिकार हो चुका है। वर्ष 2020-21 और 2021-22 में मनरेगा योजना के अंतर्गत गौशाला निर्माण के लिए लाखों रुपये स्वीकृत और आहरित किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी अधूरी चारदीवारी और टूटे-फूटे ढांचे के रूप में सामने है।
मनरेगा पोर्टल के अनुसार गौशाला निर्माण के लिए दर्जनों मास्टर रोल जारी कर मजदूरी व सामग्री मद में भुगतान किया जा चुका है।लेकिन मौके पर न तो गौशाला की दीवारें पूरी हैं, न ही अंदर कोई व्यवस्था। जगह-जगह गिट्टी और ईंटों के ढेर पड़े हैं और निर्माणाधीन दीवारें आधी-अधूरी छोड़ दी गई हैं।
ग्रामवासियों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी राशि तो निकाल ली गई, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। जिस कारण गौशाला आज तक खंडहर जैसी हालत में है आलम ये है कि चोरों द्वारा कालम की छण तक काट ली गई है l
स्थिति चिंताजनक
अधूरी चारदीवारी, गिरती ईंटें
घटिया गुणवत्ताविहीन निर्माण, दीवारें सेड लगने से पहले हि टूट गई।
सरकारी धन का दुरुपयोग साफ दिखाई देता है
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की जाए। साथ ही गौशाला का शेष कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि क्षेत्र की आवारा गायों को सहारा मिल सके।
जिम्मेदारी अधिकारियो पर आज तक कोई कार्रवाई न होना उच्च अधिकारियों की मंशा पर भी सवाल उठाता है

