दिल्ली कैबिनेट का बड़ा फैसला: ऐतिहासिक विरासत के अध्ययन और डिजिटाइजेशन के लिए दो रिसर्च फेलोशिप को मंजूरी
नई दिल्ली. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली कैबिनेट ने राजधानी की ऐतिहासिक विरासत के वैज्ञानिक अध्ययन, दस्तावेजीकरण और डिजिटाइजेशन में मदद के लिए आर्काइव और आर्कियोलॉजी क्षेत्र में दो रिसर्च फेलोशिप योजनाओं को मंजूरी दी है. सरकार ने कहा कि इस कदम का मकसद खास अध्ययन को बढ़ावा देना और इतिहास, पुरातत्व और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में विशेषज्ञों का एक मजबूत समूह तैयार करना है.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली न सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी है, बल्कि इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की एक जीवित विरासत भी है.' उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध, व्यवस्थित दस्तावेजीकरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए व्यापक पहुंच के जरिए इस विरासत को बचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.
उन्होंने कहा कि ये फेलोशिप शोधकर्ताओं, आर्काइविस्ट, संरक्षण विशेषज्ञों, इतिहासकारों, भाषाविदों और विरासत विशेषज्ञों को दिल्ली के इतिहास और आर्काइव विज्ञान के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी. इस योजना के तहत शामिल क्षेत्रों में रिकॉर्ड प्रबंधन, आर्काइव सामग्री का संरक्षण, डिजिटाइज़ेशन, जानकारी का प्रसार, डेटा प्रबंधन, माइक्रोफिल्मिंग, रीप्रोग्राफी, शोध प्रकाशन और ओरिएंटल भाषाओं (खासकर उर्दू और फ़ारसी) से संबंधित अध्ययन शामिल हैं.
साभार आज तक

