हलाली डैम से नहर में पानी छोड़े जाने के बाद भी पीपलखेड़ा कला के किसानों की बढ़ीं मुश्किलें, नहर की बदहाली से खेतों तक पानी पहुंचने पर सवाल
धर्मेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
5 नवंबर से खुलेगी पीपलखेड़ा के लिए ना हर साफ सफाई अधूरी किसानों के लिए चिंता का सबक अधिकारी कर रहे हैं सिर्फ खानापूर्ति, टेल क्षेत्र तक नहीं पहुंचेगा पानी किसान किसानों ने कहा हर साल की तरह इस बार नहीं हुई है नहर में खुदाई सुल्तानिया और ग्राम ब्यौची टेल क्षेत्र में आते हैं हलाली डैम से एक दिन पहले नहर में पानी छोड़े जाने के बाद ग्राम पीपलखेड़ा कला के किसानों में सिंचाई को लेकर उम्मीद जगी है, लेकिन नहर की मौजूदा स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। गांव के आसपास नहर की हालत खराब दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर नहर में झाड़ियां और घास-फूस उगी हुई हैं, वहीं सफाई और रखरखाव के अभाव में पानी का प्रवाह प्रभावित होने की आशंका है।किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की सफाई, मरम्मत और झाड़ियों की कटाई नहीं कराई गई तो छोड़ा गया पानी किसानों के खेतों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाएगा। नहर में जगह-जगह उगी झाड़ियां और अव्यवस्थित स्थिति देखकर किसान चिंतित हैं। किसानों को आशंका है कि पानी का बहाव बाधित होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।किसानों ने उठाई नहर की सफाई और मरम्मत की मांग
ग्रामीणों और किसानों की मांग है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नहर का निरीक्षण करें। नहर में उगी झाड़ियों की तत्काल सफाई कराई जाए, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत हो तथा पानी की निकासी और बहाव को सुचारु बनाया जाए, ताकि अंतिम छोर तक बैठे किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।अब सवाल यह है कि जब हलाली डैम से नहर में पानी छोड़ दिया गया है, तो क्या विभाग समय रहते पीपलखेड़ा कला की नहर व्यवस्था दुरुस्त कर पाएगा? किसानों को केवल डैम से पानी छोड़े जाने की घोषणा नहीं, बल्कि उनके खेतों तक पानी पहुंचने की व्यवस्था चाहिए।

