सड़क पर चरौटा सुखाने से हादसों का खतरा, बेमौसम बारिश में बढ़ सकती है परेशानी

  • Share on :

पक्की सड़कों के बीच बिछाए जा रहे बीज, चिकनाई के कारण दोपहिया वाहन चालकों को हो रही दिक्कत; हर साल की समस्या पर जिम्मेदारों का ध्यान कब जाएगा?
छुरा। क्षेत्र में पक्की सड़कों पर चरौटा के बीज निकालने के लिए सड़क के बीचों-बीच बीज बिछाकर चरौटा रखा जा रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी खड़ी हो रही है। सड़क पर इस तरह बीज सुखाने और निकालने का काम आवागमन में बाधा उत्पन्न करने के साथ दुर्घटनाओं को भी न्योता दे रहा है। इसके बावजूद इस समस्या पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिम्मेदार विभागों की ओर से ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
सड़कें आवागमन के लिए बनाई गई हैं, लेकिन इनका उपयोग कृषि उपज से बीज निकालने और सुखाने के लिए किए जाने से वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। सड़क के बीचों-बीच चरौटा रखे जाने से वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। ऐसे में सामने से दूसरे वाहन आने पर चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

बीज की चिकनाई से फिसलने का खतरा
सड़क पर बिखरे चरौटा के बीजों की चिकनाई के कारण सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। बाइक और स्कूटी के पहिए बीजों के ऊपर से गुजरने पर फिसलने का खतरा बना रहता है। अचानक ब्रेक लगाने या वाहन को मोड़ने की स्थिति में संतुलन बिगड़ सकता है। वहीं, तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों के लिए सड़क पर रखे चरौटा को समय रहते देख पाना भी मुश्किल हो सकता है।

बेमौसम बारिश बनी अतिरिक्त चिंता
मौसम में अचानक बदलाव और बारिश होने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है। बारिश के कारण सड़क पर फैले बीज और अधिक फिसलन पैदा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है। रात के समय कम दृश्यता के कारण सड़क पर रखे चरौटा को पहचानना भी मुश्किल हो सकता है।

हर साल दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय स्तर पर हर साल चरौटा से बीज निकालने के लिए सड़कों का उपयोग किए जाने की समस्या सामने आती है। इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सवाल यह है कि क्या किसी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार विभागों की नींद खुलेगी? कृषि उपज से बीज निकालने का कार्य किसानों और उत्पादकों की जरूरत हो सकता है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक सड़कों का इस्तेमाल करना दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करता है।

प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?
सड़क पर चरौटा रखकर बीज निकालने की इस परंपरा पर रोक लगाने और संबंधित लोगों को सुरक्षित वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायतों और संबंधित विभागों को इस दिशा में पहल करनी चाहिए, ताकि आवागमन बाधित न हो और किसी निर्दोष वाहन चालक को हादसे का शिकार न होना पड़े। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या हर साल की तरह इस बार भी लोगों को दुर्घटना के खतरे के बीच सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper