देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी मंडी, इंदौर: ऐतिहासिक राजस्व संग्रह
पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्ताव
देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी मंडी, इंदौर के इतिहास में 18 सितंबर 2026 का दिन एक नया कीर्तिमान स्थापित करने वाला साबित हुआ है। मंडी प्रशासन ने मात्र एक दिन में ₹40,56,590 का मंडी शुल्क संग्रह कर इतिहास रच दिया है। यदि इसमें प्रवेश शुल्क (₹5,765) को भी शामिल किया जाए, तो यह कुल वसूली ₹40,62,355 तक पहुँच जाती है।
यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि मंडी सचिव श्री ओ,. पी. खेड़े के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता और सटीक रणनीतिक प्रबंधन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
राजस्व संग्रह का मदवार विवरण (18.09.2026):
- हरी सब्जी: ₹68,339
- फूल: ₹5,080
- फल: ₹36,632
- आलू-प्याज: ₹30,15,847
- लहसुन आढ़त: ₹7,09,750
- लहसुन सरकारी: ₹2,20,942
- उप-योग (मंडी शुल्क): ₹40,56,590
- प्रवेश शुल्क: ₹5,765
- कुल योग: ₹40,62,355
सफलता के प्रमुख कारण एवं रणनीतिक पहलू:
1. कुशल एवं दृढ़ नेतृत्व: मंडी सचिव श्री ओ. पी. खेड़े की कार्यशैली, तत्परता और कुशल पर्यवेक्षण ने मंडी कर्मचारियों को अनुशासित ढंग से कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
2. सख्त निगरानी एवं पारदर्शी प्रक्रिया: चोरी रोधी व्यवस्था, सटीक निगरानी और पारदर्शी राजस्व वसूली तंत्र के कारण लीकेज बंद हुआ और राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।
3. आलू-प्याज एवं लहसुन खंड का प्रमुख योगदान: कुल मंडी शुल्क संग्रह में सबसे बड़ा हिस्सा आलू एवं प्याज क्षेत्र (₹30,15,847) तथा लहसुन क्षेत्र (₹9,30,692) का रहा।
4. रणनीतिक दूरदर्शिता: मंडी परिसर में आवक प्रबंधन और व्यापारियों के साथ बेहतर समन्वय के चलते ही इतना विशाल संग्रह संभव हो सका।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि इंदौर मंडी के प्रशासनिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

