मराठी भाषा रक्षण समिति, इंदौर का गरिमामय आयोजन

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युवा साहित्तिक उमेश थोरात प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित
इंदौर। कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से कार्यरत मराठी भाषा रक्षण समिति, इंदौर द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय स्मृति समारोह एवं सांस्कृतिक महोत्सव अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ शहर के प्रीतमलाल दुआ सभागृह में संपन्न हुआ। यह आयोजन पद्मभूषण स्वर्गीय तात्यासाहेब सरवटे तथा स्वर्गीय गोविंदराव झोकरकर की स्मृति को समर्पित था, जिनका समाज एवं भाषा के क्षेत्र में योगदान सदैव प्रेरणादायी रहा है।
12, 13 और 14 अप्रैल 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य, कला और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ 12 अप्रैल को नामवंत चित्रकार स्वर्गीय शंकर राव (भैया) खेर की स्मृति में आयोजित चित्र-शिल्प एवं छायाचित्र प्रदर्शनी से हुआ। यह प्रदर्शनी तीनों दिनों तक खुली रही, जिसमें कला प्रेमियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता दर्ज की।
13 अप्रैल को आयोजित कवि सम्मेलन इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। इस अवसर पर प्रख्यात कवि श्री सुधीर महाजन (जलगांव) की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें अनेक प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
इसी श्रृंखला में 14 अप्रैल को इंदौर के युवा साहित्यकार एवं वऱ्हाडी बोली भाषा के अभ्यासक श्री उमेश थोरात को उनके वऱ्हाडी बोलीभाषा संवर्धन, साहित्य सृजन तथा सांस्कृतिक योगदान के लिए वर्ष 2026 का “पद्मभूषण स्व. तात्यासाहेब सरवटे एवं स्व. गोविंदराव झोकरकर स्मृति पुरस्कार” प्रदान किया गया। यह सम्मान सुप्रसिद्ध ग़ज़ल गायक पंडित भीमराव पांचाळे (मुंबई) के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। इस सम्मान ने न केवल उमेश थोरात के कार्यों को मान्यता दी, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और बोलीभाषा के संरक्षण के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
इस अवसर पर कला, साहित्य, नाट्य एवं समाजसेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले देशभर से आए आमंत्रित प्रतिभागियों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत ग़ज़लनवाज़ पं. भीमराव पांचाळे द्वारा मराठी, हिंदी एवं उर्दू ग़ज़लों की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबले पर श्री सारंग लासुरकर तथा हार्मोनियम पर श्री राजेंद्र नागले ने संगत देकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में पं. भीमराव पांचाळे तथा विशेष अतिथि डॉ. श्री पुरषोत्तम सप्रे, डॉ. संजय दहाड़, राधिका इंगळे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन प्रीतमलाल दुआ सभागृह, रीगल चौराहा, इंदौर में किया गया, जहाँ तीनों दिनों तक साहित्यप्रेमियों, कलाकारों और नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
यह संपूर्ण आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम न होकर मराठी भाषा के प्रति जागरूकता, अभिमान और संरक्षण का सशक्त माध्यम बना। इसने यह संदेश दिया कि अपनी मातृभाषा और लोकभाषाओं का संवर्धन ही सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखने का आधार है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु संयोजक अनिल धडवईवाले एवं रामराव देशमुख सहित समिति के सभी सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन प्रा. डॉ. श्रीकांत तारे ने किया तथा आभार प्रदर्शन समिति के अध्यक्ष श्री अनिल धडवईवाले द्वारा व्यक्त किया गया।

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