बंगाल में अनुशासनात्मक हड़कंप: 'कट मनी' और वसूली के आरोपों में बीजेपी के 22 नेता निलंबित
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन तो हो गया, लेकिन पुरानी राजनीतिक संस्कृति अब भी नई बीजेपी सरकार का पीछा नहीं छोड़ रही है। राज्य में सरकार बने अभी तीन महीने भी पूरे नहीं हुए हैं कि बीजेपी नेताओं पर टीएमसी के दौर जैसी 'टोलाबाजी' यानी जबरन वसूली और 'कट मनी' लेने के गंभीर आरोप लगने लगे हैं। एक तरफ सरकार इस रंगदारी और वसूली संस्कृति को खत्म करने के भरपूर प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके नतीजे फिलहाल सिफर ही नजर आ रहे हैं। इस मुद्दे ने पार्टी के भीतर कलह और गुटबाजी को भी हवा दे दी है, जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद से संगठनात्मक स्तर पर सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली और अनुशासनहीनता के आरोपों में अपने 22 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें कई मंडल अध्यक्ष भी शामिल हैं। पार्टी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई पार्टी के राज्य नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं को 'जबरन वसूली की संस्कृति' न अपनाने की सार्वजनिक चेतावनी देने के कुछ हफ्ते बाद की गई है। नेतृत्व ने कहा था कि भाजपा सरकार में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि निलंबित नेता संगठन के अलग-अलग स्तरों से थे और उन पर जबरन वसूली, तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों पर जबरन कब्जा करने की कोशिश, विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कथित तौर पर संबंध रखने और पार्टी-विरोधी अन्य गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे। यह कार्रवाई राज्य इकाई द्वारा पिछले तीन महीनों में शुरू की गई व्यापक अनुशासनात्मक कवायद का हिस्सा है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

