भाजपा जिला अध्यक्ष ने चर्चा के दौरान कहा_संक्रांति बाद होगी घोषणा सभी दावेदार मेरे नजदीक

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जिला ब्यूरो चीफ गोलू यादव की रिपोर्ट 
अशोकनगर। भाजपा संगठन ने जिला एवं मंडल अध्यक्ष के चुनाव के बाद युवा मोर्चा चुनाव की हलचल  तेज हो गई और संगठन की रीड कहे जाने वाले युवामोर्चा जिला अध्यक्ष को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। जल्द ही इसकी घोषणा की संभवत: मकर संक्रांति बाद होना था लेकिन संभवतः शीघ्र ही घोषणा होने की संभावना है। संगठनात्मक नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होते ही शहर से लेकर गांव तक गली से लेकर मोहल्ला तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष के लिए जिन नामों की चर्चा हो रही है। उनमें प्रमुख रूप से। अन्नू शर्मा (महाराज) पठार, कृष्ण यादव दुर्गा कॉलोनी एवं रामू रघुवंशी इन तीन नाम को लेकर युवाओं में और शहर में काफी चर्चा चल रही है और है तीन नाम तेजी से एवं मोर्चा जिलाध्यक्ष  की दौड़ लिस्ट में चल रहे हैं। शहर में चर्चा है कि यह चेहरे किसी न किसी बड़े नेता के करीब भी माने जाते हैं। लेकिन इनमें अधिकतर ऐसे नाम है। जिन्हें संगठन का पुराना एवं समर्पित एवं जमीन से जुड़ा कार्यकर्ता कहा जा सकता है। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में अंदरूनी असंतोष भी देखने को मिल रहा है। पार्टी के भीतर है अभी चर्चा है कि इन दावेदारों में से कोई भी केंद्रीय नेतृत्व या सिंधिया समर्थक खेमे का सीधा प्रतिनिधि नहीं माना जा रहा है सभी दावेदारों के अपने-अपने स्थानीय नेताहैं जिनके सहारे वे संगठन में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
यदि दावेदारों की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो। अन्नू शर्मा महाराज ( पठार) ये और इनका परिवार हमेशा से महाराज सिंधिया जी का समर्थक रहा है। और माना जाता है कि अनु महाराज एक ऐसे युवा नेता है। जो पहले भी वार्ड में प्रतिनिधि के तौर पर चुने गए हैं। एवं वार्ड में जिले में इसके साथ ही युवाओं को लेकर बड़ी पकड़ रखते हैं हर समाज के युवाओं से एक बेहतरीन पकड़ और युवाओं से ज्यादा जुड़ाव माना जाता है इनका रूबरू अंदाज युवाओं की पहली पसंद है सूत्रों के मुताबिक हलचलों में जो चर्चा है जो चर्चा का विषय है तो युवाओं की पहली पसंद अन्नू शर्मा महाराज  को बताया  जा रहा है।  सबसे पहले अन्नू शर्मा महाराज का नाम चर्चाओं में आया था, इसके साथ ही रामू रघुवंशी पूर्व विधायक अशोकनगर के करीबी है इसी के आधार पर उनका नाम आगे बढ़ रहा है। कृष्ण यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष और मुंगावली विधायक के पुत्र अर्जुन सिंह का करीबी बताया जाता है भाई प्रदीप पाल अशोक नगर पूर्व विधायक के करीबी माने जाते हैं और इसी आधार पर उनका नाम भी दौड़ में शामिल है। इन सब नाम को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है क्या भाजपा युवा मोर्चा जैसे संगठन को आगे बढ़ाने के लिए किसी नए, अनुभवी और संगठन से जुड़े चेहरे को मौका नहीं दे सकती,  कार्यकर्ताओं का कहना है। कि युवा मोर्चा पार्टी की रीढ़ की हड्डी माना जाता है।जहां से भविष्य के नेता निकलते हैं।ऐसे में यदि राजनीतिक नजदीकियों और जातिगत समीकरणों के आधार पर नियुक्ति की जाएगी तो इसका सीधा असर संगठन की मजबूती पर पड़ेगा पिछड़े वर्ग से जुड़े कई कार्यकर्ताओं का आरोप है। भाजपा लगातार यादव और रघुवंशी समाज को ही प्राथमिकता दे रही है। जबकि अन्य पिछडे वर्गों को नजर अंदाज किया जा रहा है। इससे पार्टी के भीतर संतुलन की स्थिति बन रही है
 कुछ के करता हूं ना तो यह भी कहना शुरू कर दिया है यदि यही स्थिति बनी रही तो जमीनी कार्यकर्ता खुद को हाशिए पर महसूस करेंगे।
कुल मिलाकर युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पद को लेकर चल रही है चर्चा केवल नियुक्ति को लेकर सीमित नहीं है बल्कि यह भाजपा की संगठनात्मक नीति बा सामाजिक संतुलन पर भी सवाल खड़े कर रही है अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व किस नाम पर मोहर लगता है। क्या वह कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं पर खड़ा उतर पाता है कि नहीं।

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