ई-विकास 2.0 लागू- किसानों को अब खाद खरीदना होगा और आसान, प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई

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किसान संगठनों और विक्रेताओं के सुझावों के आधार पर प्रणाली में किए गए अहम सुधार
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्गव
शिवपुरी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा उर्वरक वितरण प्रणाली ई-विकास को और अधिक सरल और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से ई-विकास 2.0 लागू किया गया है। किसान संगठनों, उर्वरक विक्रेताओं और अन्य संबंधित लोगों के सुझावों के आधार पर इस प्रणाली में कई जरूरी बदलाव और नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इससे किसानों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीक का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।

अब मनपसंद खाद बिना किसी बाध्यता के खरीद सकेंगे किसान
ई-विकास 2.0 में किसान अब अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी एक उर्वरक बिना किसी अनिवार्य संयोजन के खरीद सकेंगे। आईसीएआर की फसलवार सिफारिश के अनुसार या उससे अधिक मात्रा में खाद पहली बार में ही लेने की सुविधा दी गई है। अतिरिक्त खाद लेने के लिए पहले 50 शब्दों में कारण लिखना पड़ता था, अब इसकी जगह ड्रॉपडाउन से कारण चुनने की आसान सुविधा दी गई है। साथ ही पोर्टल पर फसलवार आईसीएआर अनुशंसा के अनुसार विभिन्न उर्वरक समूहों की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक समूह का चयन कर सकेगा।

टोकन व्यवस्था में भी हुए बड़े बदलाव
उर्वरक की गणना अब प्रति हेक्टेयर बैग के आधार पर की जाएगी। किसान टोकन जनरेट करने के 24 घंटे बाद उसे रद्द भी कर सकेंगे। फसल खराब होने की स्थिति में किसान द्वारा पुनः उर्वरक की मांग करने के लिए एक्सेप्शनल हैंडलिंग की सुविधा दी गई है। ऐसे प्रकरणों का तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा 48 घंटे के भीतर अनुमोदन किया जाएगा।

खाद की उपलब्धता बढ़ाने के लिए किए गए इंतजाम
मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर अब जरूरत के हिसाब से प्रतिदिन 300 से अधिक टोकन जनरेट करने की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी। इन केंद्रों में अधिक से अधिक उर्वरक भंडारण के लिए ऑटोमेटेड प्रणाली विकसित की जा रही है जिससे खाद की कमी न हो।

व्हाट्सएप से भी मिलेगी टोकन की सुविधा
जल्द ही व्हाट्सएप बॉट के माध्यम से टोकन जनरेट करने की सुविधा उपलब्ध होगी। किसान व्हाट्सएप पर हेल्प या मदद लिखकर टोकन, रिटेलर, उर्वरक, उठाव तिथि और टोकन की वैधता से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

समस्या होने पर इस नंबर पर करें संपर्क
ई-विकास प्रणाली से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर $91 78802 23344 पर हर शासकीय कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।

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