भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत: BCCI के पूर्व अध्यक्ष आईएस बिंद्रा का 84 वर्ष की आयु में निधन

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का रविवार को निधन हो गया। इस पर सोमवार को बीसीसीआई और हरभजन सिंह जैसे पूर्व क्रिकेटरों ने दुख जताया। बीसीसीआई ने बिंद्रा को एक दूरदर्शी प्रशासक और भारतीय क्रिकेट का सबसे कुशल वास्तुकार करार दिया। 
बिंद्रा 1993 से 1996 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे थे। उनका रविवार को यहां निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, 'आईएस बिंद्रा दूरदर्शी प्रशासक थे, जिनके नेतृत्व ने विश्व क्रिकेट में भारत की भूमिका को फिर से परिभाषित करने में मदद की।' उन्होंने कहा, 'प्रशासन के अलावा भी उनका योगदान कहीं अधिक था। उन्होंने ऐसी प्रणालियों और संस्थानों के निर्माण में मदद की जो आज भी खिलाड़ियों, प्रशासकों और स्वयं खेल की सेवा कर रहे हैं। बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट प्रशासन के सच्चे दिग्गज के निधन पर शोक व्यक्त करता है।'
बिंद्रा ने बीसीसीआई अध्यक्ष के अपने कार्यकाल के दौरान क्रिकेट जगत में भारत की स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह 1978 से 2014 तक पंजाब क्रिकेट संघ के अध्यक्ष भी रहे। मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम का नाम 2015 में उनके सम्मान में आईएस बिंद्रा स्टेडियम कर दिया गया था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, 'भारतीय क्रिकेट ने अपने सबसे प्रभावशाली वास्तुकारों में से एक को खो दिया है। बिंद्रा की खेल के प्रति प्रतिबद्धता, उनकी प्रशासनिक दूरदर्शिता और स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रति उनके जुनून ने एक ऐसी विरासत छोड़ी है जिसे क्रिकेट जगत में पूरे सम्मान के साथ याद किया जाएगा।' बिंद्रा ने पूर्व अध्यक्ष एनकेपी साल्वे और जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर भारत को 1987 में वनडे विश्व कप की मेजबानी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। यह पहला अवसर था जबकि वनडे विश्व कप इंग्लैंड से बाहर आयोजित किया गया था।
साभार अमर उजाला

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