शाजापुर में फर्जी नागा साधु की खुली पोल: 22 साल बाद ढूंढते हुए पहुंची पत्नी, निकले बच्चों के पिता
शाजापुर जिले के ग्राम बोलाई में हनुमान मंदिर पर रहने वाले अपने आप को नागा साधु बताने वाला निकला शादीशुदा 22 वर्ष पूर्व अपने आप को नारायण गिरी उर्फ नागा बाबा का परिवार भटकते भटकते ए पहुंचा अपने एक पिता के पास महिला ने नारायण गिरी को अपने बच्चों का पिता बताया महिला का कहना है कि 22 वर्ष पूर्व हम ईट बनाने का काम करते थे यह हमसे बोल कर गए की मैं किराणा का सामान लेकर आता हूं जब से आज तक यह लौटकर नहीं आए हम दर-दर भटकते रहे जब इस बारे में हमने महाराज जी से संपर्क किया तो की महाराज आप कौन से गांव से हैं महाराज जी अपना पता आज तक किसी को नहीं बता पाए अपनी गुप्त पहचान छुपा कर और महिलाओं को भी साथ में रखते हैं दो महिलाएं नागा महाराज ने पहले से ही मंदिर पर रख रखी है फिर इसमें तीसरी महिला की एंट्री हुई महिला नारायण गिरी को अपना पति वह बच्चों का पिता बता रही है जब इस बारे लोगों ने महाराज जी से अखाड़े का प्रूफ मांगा तो वह भी नहीं दे पाए पता नहीं महाराज क्या राज छुपाना चाहते हैं ऐसे बाबाओ के द्वारा हिंदू धर्म को बदनाम किया जा रहा है लोग मंदिर को अपनी आस्था का केंद्र मानते हैं वहीं दूसरी तरफ ऐसे फर्जी बाबाओ के द्वारा हिंदू धर्म को बदनाम किया जा रहा है ऐसे बाबाओं पर मट के द्वारा प्रशासन के द्वारा कार्रवाई करना चाहिए वर्तमान में आए दिन धर्म के आड़ में के ही महात्माओं के द्वारा धर्म को बदनाम किया जा रहा है इससे जनता का विश्वास धर्म की आड़ में ऐसे बाबा फल फूल रहे हैं 2004 में महात्मा जी का आगमन बोलाई में हुआ था जब से लेकर आज तक महात्मा जी अपनी पहचान छुपा कर धर्म की आड़ में लोगों की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ कर रह रहे हैं कभी पता पूछने पर टीकमगढ़ जिला बताना कभी ऋषिकेश हरिद्वार बताना कभी सांची जिला बताना कभी अपने आप को लोग बताना ऐसे में नागा बाबा जी के साथ में महिलाओं का संपर्क में आना इस बात लोगों में संदेह पैदा हुआ की महाराज जी तो अपने आप को लोग कहने वाले महिलाओं के बीच में रह रहे हैं ऐसे बाबाओ के द्वारा कब तक हिंदू धर्म को बदनाम किया जा रहा है वर्तमान में कुंभ के मेले में अन्य देशों में टीवी चैनलों के माध्यम से देखने को मिला कि कई कालनेमि महात्मा भगवा वस्त्र ओढ़ कर अन्य के गतिविधियों में लिप्त पाए गए जहां सरकार सख्त कदम उठा रही है भगवा के नाम पर हर कोई हिंदू धर्म को बदनाम करने में लगा हुआ है हिंदू धर्म को भारतवासी अपनी आस्था का केंद्र मानते हैं इस भगवा के रूप में चोला ओढ़ कर केई कॉल नेमि अपने आप को साधु संत बता कर केई मंदिरों को बदनाम करने में लगे हुए हैं इस तरह से कहीं अगर साधु संतों की जांच की जाए तो कई कालनेमि निकलेंगे नकली बाबाओ के कारण अच्छे साधु संतों को भी यह बोलना पड़ता है कि भगवा कि आड़ में केई कॉल नेमि अपना जीवन यापन कर रहे हैं जबकि उनको धर्म से कोई लेना-देना नहीं है ऐसे लोगों पर अखाड़ा एवं प्रशासन को मिलकर कार्रवाई करना चाहिए।

