बीमा राशि की मांग को लेकर तहसील परिसर में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना
78 गांवों में से केवल 10 गांवों के किसानों को मिला 2025 का बीमा, भारतीय किसान संघ ने कहा—हक मांग रहे हैं, भीख नहीं
गुलाना। शाजापुर जिले की गुलाना तहसील में फसल बीमा की राशि को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2025 के फसल बीमा में तहसील के 78 गांवों में से केवल 10 गांवों के किसानों को बीमा राशि मिलने से नाराज भारतीय किसान संघ तहसील इकाई गुलाना के पदाधिकारियों और किसानों ने शनिवार से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त बीमा राशि नहीं मिली है, जो ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ के समान है।
तंबू लगाकर शुरू किया धरना, मौके पर ही बनेगा भोजन
भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में तंबू लगाकर धरना शुरू किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर ही दाल-बाटी बनाकर भोजन करने और रात में बिस्तर लगाकर परिसर में ही सोने की बात किसानों ने कही है।
किसान अपना हक मांग रहा है, भीख नहीं : सिसोदिया
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष सवाई सिंह सिसोदिया ने कहा कि आज से हमारा धरना शुरू हुआ है। किसानों को उनके फसल बीमा का उचित लाभ मिलना चाहिए। किसान अपना हक मांग रहा है, भीख नहीं मांग रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल तहसील स्तर पर धरना शुरू किया गया है। यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में जिला मुख्यालय पर भी बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
मांग पूरी नहीं हुई तो जिला मुख्यालय पर होगा आंदोलन
किसानों ने कहा कि वर्ष 2025 के बीमा को लेकर बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हैं। तहसील के 78 गांवों में से महज 10 गांवों में बीमा राशि पहुंचने से किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि फसल खराब होने के बाद उन्हें बीमा योजना से राहत की उम्मीद थी, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप राशि नहीं मिली। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन को तहसील से बढ़ाकर जिला स्तर तक ले जाया जाएगा। धरने में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

