इन्दौर पुलिस कमिश्नरेट में थाना स्तर पर ही सायबर अपराधों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु, संचालित की जा रही है साइबर हेल्प डेस्क

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 साइबर हेल्प डेस्क के बेहतर संचालन हेतु थानों के पुलिसकर्मियों के लिए किया गया विशेष सायबर ट्रेनिंग का आयोजन।
 थाना स्तर पर ही पीड़ित को मिल जाए, सायबर अपराधों की शिकायतों का समाधान, इसके लिये प्रत्येक थाने के पुलिस कर्मियों को किया जा रहा है, आधुनिक तकनीकी में दक्ष बनाने का प्रयास।
 फाइनेंशियल ऑनलाईन फ्रॉड की थाना स्तर पर ही हो जाएं त्वरित कार्यवाही, इसके लिये पुलिस कर्मियों को किया जा रहा है, सायबर एक्सपर्ट द्वारा प्रशिक्षित।
आदित्य शर्मा
इंदौर। वर्तमान के बढ़ते सायबर अपराधों की रोकथाम हेतु इन्दौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है साथ ही जनजागरूकता अभियान भी चलाया  जा रहा है। सायबर अपराधों की शिकायतों में पीड़ित/आवेदक को थानें पर ही उचित समाधान मिल सकें व उसे इधर उधर न भटकना पड़े, इसी बात को ध्यान में रखते हुए, पुलिस आयुक्त नगरीय इन्दौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा थाना स्तर पर ही सायबर अपराधों के लिये दक्ष पुलिसकर्मी हो, इसके लिये, एक विशेष ट्रैनिंग की कार्ययोजना तैयार करवाई गयी है। जिसके तहत नगरीय क्षेत्र के प्रत्येक थाने से पुलिस कर्मियों को सायबर अपराधों पर प्रभावी कार्यवाही के लिये, प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी अनुक्रम में नगरीय क्षेत्र के सभी थानों से आरक्षक से उप निरीक्षक स्तर के करीब 80 पुलिस कर्मियों के लिये एक दिवसीय सायबर ट्रैनिंग आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को  आयोजित की गयी, जिसका शुभारंभ पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति व अति. पुलिस आयुक्त (का./व्य.) नगरीय इंदौर श्री अमित सिंह, अति. पुलिस आयुक्त (अप./मुख्यालय) नगरीय इंदौर श्री  आर.के. सिंह एवं अति. पुलिस उपायुक्त क्राइम श्री राजेश दण्डोतिया की मौजूदगी में किया गया । 
उक्त प्रशिक्षण में पुलिस कर्मियों को क्राइम ब्रांच के एडीशनल डीसीपी श्री राजेश दंडोतिया, साइबर एक्सपर्ट श्री अक्षय कुमार जाधव, साइबर सुरक्षा सलाहकार व विशेषज्ञ श्री सन्नी वाधवानी के साथ ही क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम के अनुभवी अधिकारी/कर्मचारी जो विभिन्न सायबर अपराधों में दिन प्रतिदिन कार्यवाही करते है, के द्वारा सायबर अपराधों व फ्रॉड के विभिन्न प्रकार की जानकारी देते हुए, फांईनेशियल, ऑनलाईन, सोशल मीडिया आदि के सायबर अपराधों के बारें में बताया  व इनके पीड़ित यदि थानें में आएं तो क्या करें व किस प्रकार उन पीड़ितों की मदद करें कि, उनकी समस्या का निदान जल्द से जल्द हो सके बताते हुए, सायबर क्राइम हो जाने पर पीड़ित के थाने आने पर किस प्रकार उसकी शिकायत जल्द से जल्द 1930 व सायबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर दर्ज करना है, जिससे उसकों त्वरित समाधान दिलाया जा सके और फ्रॉड की राशि को फ्रीज  कराया जा सके। 
विभिन्न फांईनेशियल फ्रॅाड में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज हो जाएं उसमें उनकी राशि मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होती है, इस बात को विशेष तौर पर ध्यान रखने की बात बताई। 
उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस कर्मियो को आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर, किस प्रकार अपराधी विभिन्न सायबर क्राइम जैसे- डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, फर्जी शेयर ट्रेडिंग, फर्जी लोन ऐप्प, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाईन गेम/बेटिंग, ई-कामर्स फ्रॉड, सायबर स्टाकिंग, सायबर बुलिंग, सोशल मीडिया हैक अदि कर रहे है, इसका विभिन्न केस स्टडीज की प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रेक्टिकली बताया और इनकी शिकायतों पर किन माध्यमों से क्या कार्यवाही करना है और किन बातों का ध्यान रखना है, इसका भी प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण सत्र शुभारंभ के अवसर पर पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि, इस तकनीकी दुनिया के नए-नए प्रकार के साइबर अपराधों के विरूद्ध भी प्रभावी कार्यवाही के लिये हमारी इंदौर पुलिस के ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मी तकनीकी रूप से दक्ष होकर कार्यवाही कर सके, यही हमारा विजन है। इसी को ध्यान मे रखते हुए आप सभी को ये ट्रेनिंग दी जा रही है, तो आप सभी को यहां जो सिखाया गया है, उसका अपने थानों पर इम्पलीमेंटेशन करें व कोई भी पीड़ित किसी भी प्रकार की सायबर अपराधों की शिकायत लेकर आता है तो उस पर बताई गयी उचित कार्यवाही करें, जरूरत पड़े तो एक्सपर्ट से संपर्क कर मार्गदर्शन  प्राप्त करें, बस हमारा ये ही ध्येय हो कि पीड़ित को हम त्वरित समाधान दिला सके।
उक्त कार्यशाला के समापन पर एडिशनल कमिश्नर श्री आर. के. सिंह ने कहा कि उक्त ट्रेनिंग के तहत किस प्रकार के फॉड में क्या और किस प्रकार से कार्यवाही करना है, इसकी प्रक्रिया समझाई गई है, आप उसके अनुसार कार्यवाही करें तथा थानों पर किसी भी प्रकार की समस्या आएं तो एक्सपर्ट से संपर्क कर उसका निदान कर सके, इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। 
अंत में इस ट्रैनिंग में पुलिसकर्मियों को जो सिखाया गया, उसका एक टेस्ट भी लिया गया, और इसे सफलता पूर्वक पूर्ण करने वाले पुलिसकर्मियों एडिशनल कमिश्नर द्वारा प्रशस्ति पत्र भी प्रदाय किये गए, साथ ही  प्रशिक्षकों को भी सम्मानित कर आभार व्यक्त किया गया।
इन्दौर पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम व दक्ष बनाने के लिये उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा।

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