कटनी के चार गाँव बनेंगे ‘नए वृंदावन’, विकास की नई इबारत लिखेगी मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना

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कृषि,पशुपालन, सौर ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण से आत्मनिर्भर बनेंगे गांव
कुपोषण मुक्त, स्वच्छ और कार्बन न्यूट्रल ग्रामों के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम
 कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर कुशवाहा 
कटनी । कटनी जिले के गांव केवल खेती तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आत्मनिर्भरता, आधुनिक कृषि, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के नए मॉडल के रूप में पहचान बनाएंगे। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के तहत जिले के चार गांवों का चयन किया गया है, जहां विकास की ऐसी तस्वीर तैयार होगी, जो आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकती है।
योजना के तहत विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र का ग्राम बरनमहगवां, मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र का ग्राम जरवाही, बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र का ग्राम बहोरीबंद तथा बड़वारा विधानसभा क्षेत्र का ग्राम दशरमन “वृंदावन ग्राम” के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन गांवों को आधुनिक सुविधाओं, उन्नत कृषि, पशुधन विकास, स्वच्छता, सौर ऊर्जा और पर्यावरणीय संतुलन के समन्वय से एक नई पहचान दी जाएगी।
इन ग्रामों के चयन को जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत ऐसे गांवों का चयन किया गया है, जहां पर्याप्त पशुधन हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कृषि एवं पशुपालन के माध्यम से मजबूत बनाया जा सके।
बरनमहगवां बनेगा पोषण और महिला सशक्तिकरण का मॉडल
ग्राम बरनमहगवां में वर्ष 2030 तक कुपोषण शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां 560 महिलाओं को “लखपति किसान” बनाने की योजना तैयार की गई है। गांव में शत-प्रतिशत स्वच्छ पेयजल, बिजली और गौशाला आधारित पोषण वाटिकाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की आय में सुधार होगा।
बहोरीबंद में स्वास्थ्य और समृद्धि पर रहेगा फोकस
ग्राम बहोरीबंद में 660 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर “लखपति किसान” तैयार किए जाएंगे। गांव को पर्याप्त जल उपलब्धता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं वाले आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। यहां कुपोषण समाप्त करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
जरवाही में सौर ऊर्जा और जल प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा
ग्राम जरवाही में बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाएगी। यहां 271 महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आय के नए स्रोत उपलब्ध कराए जाएंगे। पशुधन आधारित आय मॉडल, सौर ऊर्जा और स्वच्छ जल प्रबंधन जैसी योजनाएं गांव को आधुनिक और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ाएंगी।
दशरमन बनेगा कार्बन न्यूट्रल और ओडीएफ प्लस प्लस ग्राम
ग्राम दशरमन को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना है। गांव को ओडीएफ प्लस प्लस और कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही वर्ष 2026 तक ग्रामीणों की आय में 40 प्रतिशत वृद्धि, शून्य कुपोषण और शून्य ड्रॉप आउट सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने बताया कि चयनित गांवों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन ग्रामों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ कृषि उन्नयन, पशुपालन, रोजगार सृजन, सौर ऊर्जा और स्वच्छता पर विशेष फोकस रहेगा।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना केवल विकास योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का एक व्यापक अभियान है। इसका उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीणों की आय बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है।
मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के माध्यम से कटनी के ये 4 गांव अब विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखने जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में ये गांव ग्रामीण भारत के बदलते स्वरूप की प्रेरणादायी मिसाल बन सकते हैं।

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