संघर्ष से सफलता तक : इंदौर की ‘आयरन लेडी’ नित्या सिंह (दीपाली) की प्रेरणादायक कहानी

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 इंदौर। खेल-प्रेमी शहर इंदौर की पहचान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली नित्या सिंह (दीपाली सिंह निरवाण) आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। संघर्ष, अनुशासन और समाज सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाकर उन्होंने खेल के मैदान से मैराथन के वैश्विक मंच तक अपनी अलग पहचान बनाई है।

खेल उन्हें विरासत में मिला है। उनके पिता प्रकाश सिंह निरवाण, जो स्वयं एक प्रतिष्ठित फुटबॉल चैंपियन रहे हैं, से मिली प्रेरणा ने नित्या को बचपन से ही खेलों की ओर अग्रसर किया। यही कारण है कि खेल उनके लिए केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवनशैली बन गया।

मैदान से मैराथन तक का सफर

नित्या की खेल यात्रा की शुरुआत कराटे और फुटबॉल से हुई, जहाँ उन्होंने कई गोल्ड मेडल अपने नाम किए। लेकिन बीते कुछ वर्षों में उन्होंने लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग को अपनी पहचान बनाया। उनके लिए दौड़ना सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का माध्यम है—एक ऐसा ‘मी टाइम’, जहाँ वे जीवन के कठिन सवालों के उत्तर खोजती हैं।

 

असाधारण उपलब्धियाँ

नित्या ने मैराथन के साथ-साथ अल्ट्रा मैराथन और अत्यंत कठिन प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है—
 • 24 घंटे की दौड़
 • बेंगलुरु – प्रथम स्थान
 • पुणे – द्वितीय स्थान
 • साइकिलिंग उपलब्धियाँ
 • 800 किलोमीटर की लंबी दूरी तय
 • 200 व 300 किमी की कठिन BRM राइड्स सफलतापूर्वक पूरी
 • अंतरराष्ट्रीय सम्मान
 • नेपाल में 5 किलोमीटर दौड़ में स्वर्ण पदक
 • वर्ल्ड वुमंस चैंपियनशिप में 10 किमी वॉक में कांस्य पदक
 • ब्रांड एंबेसडर
 • आगरा, लुधियाना, पुणे और भोपाल की प्रतिष्ठित मैराथन की ब्रांड एंबेसडर रह चुकी हैं।

समाज सेवा के लिए दौड़

नित्या की दौड़ केवल पदक और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। वे कैंसर जागरूकता के लिए लगातार दौड़ती हैं और अपनी इनामी राशि दृष्टिबाधित बच्चों की सहायता में दान कर देती हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। अब तक वे 1095 पौधे लगा चुकी हैं और वर्तमान में पर्यावरण की प्रदेश महासचिव के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

सम्मान और जिम्मेदारी

नित्या सिंह को उनकी उपलब्धियों और सामाजिक योगदान के लिए—
 • राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार
 • इंटरनेशनल नोबेल अवार्ड
 • FSIA रियल सुपर हीरोज अवार्ड

जैसे अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है। साथ ही वे इंदौर की साइकिल मेयर के रूप में शहर को स्वस्थ, फिट और पर्यावरण-हितैषी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं।

नित्या का संदेश
“एक स्वस्थ भविष्य के लिए दौड़ना शुरू करें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ।
जब आप किसी नेक उद्देश्य के लिए दौड़ते हैं, तो थकान कभी आपके हौसलों को पराजित नहीं कर पाती।”

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