संसदीय सफर का 'पूर्ण विराम': चारों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा पूरी करने राज्यसभा जाएंगे नीतीश

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नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने खुद इसकी घोषणा कर दी है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के के जरिए उच्च सदन का सदस्य बनने की अपनी पुरानी चाहत का जिक्र किया। उन्होंने बिहारवासियों का आभार जताया। नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों को विश्वास दिलाया कि पहले की तरह वह बिहार को विकसित बनाने का अपना संकल्प पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।’
नीतीश कुमार लिखते हैं, ''संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।''
वह कहते हैं कि- मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।
आपको बता दें कि नीतीश कुमार के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह पटना आ रहे हैं। एनडीए के सभी उम्मीदवार एकसाथ नामांकन दाखिल करेंगे।
आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है। एक नितिन नवीन हैं, जबकि दूसरे शिवेश कुमार हैं। नितिन ने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर कमान संभाली है। एनडीए ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को भी राज्यसभा के लिए अपना पांचवां उमीदवार बनने के लिए हरी झंडी दे दी है। वह भी आज नामांकन दाखिल करेंगे।
तय समय के मुताबिक बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव होंगे और नामांकन करने की आखिरी तारीख आज यानी 05 मार्च है। यदि जरूरत पड़ी तो 16 मार्च को वोटिंग होगी। संख्या के हिसाब से, बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 41 सदस्य के समर्थन की जरूरत होगी। 202 सदस्य वाले राजग को चार सीटें जीतने में कोई मुश्किल नहीं होगी, लेकिन पांचवीं सीट के लिए उसे तीन और सदस्य के सहयोग का इंतज़ाम करना होगा। दूसरी ओर महागठबंधन के 35 सदस्यों में से 25 सदस्य वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद)को एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए छह और वोटों के समर्थन का इंतज़ाम करना होगा।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

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