मेढ़ियारास के जंगल में दोपहर से आधी रात तक ‘जुए का खेल’, पुलिस की नजरों से कैसे बच रहा कारोबार?
दूर-दराज से पहुंच रहे खिलाड़ी, नवयुवकों के बर्बाद होने से ग्रामीण चिंतित; कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल
साहिल खान
अनूपपुर। मेढ़ियारास क्षेत्र के जंगलों में बड़े पैमाने पर जुआ खिलाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जंगल के सुनसान इलाकों में दोपहर करीब 2 बजे से शुरू होने वाला जुए का खेल देर रात 2 बजे तक चलता है। इस कथित जुए में स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी खिलाड़ी पहुंच रहे हैं। लंबे समय तक चल रहे इस खेल को लेकर अब ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि जंगल में चल रहे इस जुए के कारण आसपास के नवयुवक भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जुए की लत के चलते कई परिवार आर्थिक परेशानी की ओर बढ़ रहे हैं। जिस उम्र में युवाओं को पढ़ाई, रोजगार और अपने भविष्य की चिंता करनी चाहिए, उसी उम्र में वे जुए के चक्कर में अपना समय और पैसा गंवा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा है। दोपहर से लेकर रात 2 बजे तक लगातार जुए का खेल चलने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस की मौजूदगी और निगरानी के बावजूद जंगल के भीतर इस तरह का खेल कैसे संचालित हो रहा है, यह सवाल अब लोगों की जुबान पर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर आने वाले समय में और गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मेढ़ियारास के जंगल क्षेत्र में सख्त कार्रवाई करने और जुए के इस कथित अड्डे को बंद कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कब और कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।

