सर्दियों के मौसम में हृदय की देखभाल बेहद जरूरी :- डॉ राकेश गहरवार
ब्यूरो चीफ दिव्यानंद अर्गल
ग्वालियर :- सर्दियों के दिनों में अक्सर दिल का दौरा पड़ने के मामले बढ़ जाते हैं। पहले अधिक उम्र के लोग हृदय रोग की चपेट में आते थे। मगर अब अन्य लोगों में भी इसके लक्षण दिखने लगे हैं। पिछले कुछ महीनों में कई लोग दिल के दौरे के शिकार हुए हैं। हाल-फिलहाल ऐसे कई मामले सामने आए, जिससे लोगों में चिंता बढ़ी है। आखिर इसकी वजह क्या है? दरअसल, अब लोगों की जीवन शैली बहुत बदल गई है। कामकाज का तनाव बढ़ गया है। खान-पान के प्रति लापरवाही ने भी हृदय को कमजोर कर दिया है। हृदय रोग पहले भी होता था, लेकिन अब जिस तरह हर उम्र के लोगों को दिल के दौरे पड़ने लगे हैं, उससे चिकित्सक हैरान हैं। मगर यह तो तय है कि सर्दियों में ऐसे मामले आमतौर पर बढ़ जाते हैं। इस समय दिल की देखभाल और जरूरी हो जाती है।
डॉ. राकेश गहरवार ( प्रो. गजराराजा मेडिकल कॉलेज , हृदय रोग विशेषज्ञ, जेएच हॉस्पिटल ग्वालियर ) के अनुसार, ठंड के दिनों में हमारी धमनियों में रक्त प्रवाह कम होने लगता है। इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। जब तापमान काफी नीचे चला जाता है, तब धमनियां सिकुड़ने लगती हैं। अगर इन दिनों कोई तनाव में है, तो उसे दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर का वह तंत्र बिगड़ जाता है जो हमारे सोने-जागने से लेकर थकान और ऊर्जा को संतुलित करता है। जब इसमें असंतुलन पैदा होता है, तो दौरा पड़ने का अंदेशा बढ़ जाता है। देखा गया है कि सर्दियों में लोग चलते-फिरते नहीं हैं। व्यायाम नहीं करते। तब ये दिल ही है जो शरीर को गर्म रखने के लिए लगातार परिश्रम करता है। ऐसे में इसका ध्यान रखने की जरूरत होती है।
सर्दियों में हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा
सर्दियों के मौसम में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाना कोई संयोग नहीं है। डॉ. राकेश गहरवार के अनुसार, खासतौर पर सुबह के समय ठंड का असर हृदय पर ज्यादा पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है। डॉ. राकेश गहरवार बताते हैं कि शीतकाल में हार्ट अटैक के मामले पूरी दुनिया में और भारत में अपने चरम पर देखे जाते
सर्दियों में हार्ट अटैक से बचने के उपाय
कड़ाके की सर्दियों में सुबह पांच-छह बजे पार्क में न जाएं। सैर के लिए धूप निकलने का इंतजार करें। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। हाथ-पैर और सिर को ढक कर रखें। हल्के-फुल्के व्यायाम जरूर करें। योगाभ्यास भी किया जा सकता है। इन दिनों तनाव से बचना चाहिए। शराब और सिगरेट से परहेज करना चाहिए। रक्तचाप के साथ शुगर भी नियंत्रण में रखें। आहार में ताजे फल शामिल करना चाहिए। हेल्दी फैट के लिए बादाम और मछली ले सकते हैं। भोजन में नमक कम करें। पर्याप्त पानी लें, मगर बहुत ज्यादा भी नहीं। अपनी दवाइयां समय पर लें।

