भारी बारिश और बाढ़ से बेहाल देश: उत्तराखंड में 100 से ज्यादा सड़कें बंद, असम के हालात पर अमित शाह की नजर

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नई दिल्ली. देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. एक तरफ उत्तराखंड में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं, भूस्खलन के चलते 109 सड़कें बंद हो गई हैं और चारधाम यात्रा को फिर रोकना पड़ा है. दूसरी तरफ असम में बाढ़ से अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है और तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बात कर हालात का जायजा लिया. वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन से चार दिन देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे परेशानी और बढ़ सकती है.
बुधवार को अमित शाह ने सात दिन में दूसरी बार हिमंत बिस्वा सरमा को फोन किया और असम के बाढ़ हालात पर चर्चा की. शाह ने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. सरमा ने बताया कि 21 जुलाई के बाद तेज बारिश नहीं हुई है, इसलिए बाढ़ का पानी कम हो रहा है, लेकिन नुकसान इतना ज्यादा है कि लोग अपने घरों को नहीं लौट पा रहे. 
कई घर मलबे और कीचड़ में दब गए हैं और सड़कें भी नागालैंड की पहाड़ियों से आए मलबे की वजह से बंद हैं. सरमा ने कहा कि फिलहाल किसी अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत नहीं है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हालात संभालने में सक्षम हैं. 
उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देश पर वे गुरुवार को बैंकों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित लोगों के लोन को लेकर राहत उपायों पर चर्चा करेंगे. इसी बीच केंद्र की एक टीम ने चार दिन तक शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया, और राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भी हालात की समीक्षा की.
उधर उत्तराखंड में गंगा नदी हरिद्वार में खतरे के निशान से सिर्फ 1.10 मीटर नीचे बह रही है. रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी दोनों नदियां चेतावनी स्तर पार कर चुकी हैं, जबकि पिथौरागढ़ में काली नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है. टिहरी मसूरी मालेथा हाईवे नागथाट के पास भूस्खलन से बंद है और यमुनोत्री जाने वाला पैदल रास्ता भी नदी के उफान से क्षतिग्रस्त हुआ है, हालांकि यहां आवाजाही के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं. 
प्रशासन ने लोगों से नदी किनारों और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है. लगातार बारिश के चलते चारधाम यात्रा 28 और 29 जुलाई से ही रोकी गई है.
मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के लिए अलग अलग चेतावनी जारी की है. असम के तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट है और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक अरुणाचल प्रदेश से सटे धेमाजी और लखीमपुर जिलों में भी भारी बारिश की आशंका है. उधर उत्तराखंड के बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में गुरुवार को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. दोनों जगह प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
इस बीच पूरे देश में मानसून और तेज होने वाला है. मध्य भारत में सक्रिय एक गहरा दबाव क्षेत्र अब पश्चिमी हिमालय पर मौजूद पश्चिमी विक्षोभ से टकराने वाला है, जिससे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर तक बारिश तेज हो सकती है. 
साभार आज तक

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