हाईकोर्ट ने नाबालिगों से अश्लीलता के आरोपी की जमानत याचिका खारिज की
इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग बच्चियों से अश्लील बातचीत और आपत्तिजनक सामग्री भेजने के आरोपी युवक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा है।
क्या है पूरा मामला
आरोप है कि युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से नाबालिग बच्चियों से अश्लील बातचीत करता था। साथ ही उन्हें आपत्तिजनक फोटो-वीडियो भेजकर बहलाने-फुसलाने का प्रयास कर रहा था। मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO Act और IT Act की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।
कोर्ट में हुई सुनवाई
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह बैस ने पैरवी की। लेकिन हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि आज के समय में सोशल मीडिया के जरिए बच्चों को टारगेट करना बहुत खतरनाक प्रवृत्ति है। ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है।

