छात्र शक्ति का ऐतिहासिक शंखनाद: 400 से अधिक युवाओं ने भरी हुंकार—"करैरा को जिला बनाकर रहेंगे"
छात्र महा बैठक के बाद तिरंगा यात्रा निकालकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जिला नहीं बनने पर चरणबद्ध आंदोलन और भूख हड़ताल की चेतावनी
करैरा। करीब दो दशक से चली आ रही करैरा को जिला बनाए जाने की मांग ने रविवार को एक नया मोड़ ले लिया। सूर्यांश पैलेस में आयोजित "छात्र महा बैठक" में क्षेत्र के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर करैरा को जिला बनाने का संकल्प लिया। बैठक का नेतृत्व अधिवक्ता महेन्द्र सिंह बघेल ने किया।
बैठक का शुभारंभ भारत माता के जयघोष के साथ हुआ। इसमें होल्कर स्टडी पॉइंट, एमएससी कोचिंग, जेबीएस फिजिकल अकादमी, स्मार्ट अकादमी तथा टाइगर अकादमी अमोला सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र एवं संचालक शामिल हुए। टाइगर फिजिकल अकादमी के संचालक प्रदीप प्रतीक रौय ने मंच से करैरा को जिला बनाने के आंदोलन में हरसंभव सहयोग देने की घोषणा की।
सभा में "एक ही नारा, एक ही संकल्प—करैरा जिला बने हमारा" के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा। टाइगर अकादमी के लगभग 250 छात्रों द्वारा किए गए "वंदे मातरम्" के उद्घोष ने कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया।
बैठक के उपरांत छात्र तिरंगा यात्रा निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम की अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। ज्ञापन में करैरा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए जिला बनाए जाने की मांग दोहराई गई। इसमें ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था, सरकारी सीसीटीवी कैमरों की कमी, उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव तथा शासकीय कार्यों के लिए शिवपुरी तक बार-बार जाना पड़ने जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि करैरा को जिला बनाए जाने से प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के आर्थिक और व्यापारिक विकास को गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता महेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करैरा क्षेत्र के नागरिकों के भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र करैरा को जिला घोषित नहीं किया गया तो छात्र संगठन चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी आवाज बुलंद करेगा।
बैठक में उपस्थित कई नागरिकों एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी करैरा को जिला बनाने की मांग का समर्थन व्यक्त किया और इसे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया।
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्गव

