'सपा की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे': जनगणना और महिला आरक्षण पर भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

  • Share on :

नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण में संशोधन हेतु तीन विधेयक पेश कर दिए गए हैं। इन विधेयकों को मंजूरी मिली तो फिर 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू हो जाएगा। इसके तहत 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए तय होंगी। इस बीच संसद में इस पर तीखी बहस चल रही है। समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने इस दौरान ओबीसी समाज की महिलाओं और मुस्लिम महिलाओं के लिए भी अलग से व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आखिर इसमें आरक्षण को लेकर कोई प्रावधान क्यों नहीं है। उनकी इस टिप्पणी पर सीधे होम मिनिस्टर अमित शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की बात नहीं है।
उनका साफ कहना था कि मुसलमानों के लिए आरक्षण की किसी बात को सरकार नहीं मानेगी। यह संविधान के ही खिलाफ है। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि मेरी बात असंवैधानिक कैसे हो गई? क्या मुस्लिम महिलाओं को महिला नहीं माना जाएगा। इस पर अमित शाह ने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है। यदि समाजवादी पार्टी चाहे तो सारे टिकट मुस्लिम महिलाओं को ही दे दे। इस दौरान अखिलेश यादव ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर इतनी जल्दी क्या है। उन्होंने कहा कि 2026 की जनगणना हो जाए और उसमें जातियों का आंकड़ा आ जाए। फिर इसे तय कर लिया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि नई जनगणना में जाति का कॉलम भी नहीं है। इस पर अमित शाह खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की चले तो वह तो घरों की भी जाति तय कर दे। होम मिनिस्टर ने कहा कि अभी तो घरों की गिनती हो रही है। उसमें जाति का कॉलम कैसे हो सकता है। लेकिन सपा की चले तो वह घरों की भी जाति तय कर दे। उन्होंने कहा कि जब लोगों की गिनती होगी तो जाति वाला कॉलम भी रहेगा।
साभार लाइव हिन्दुस्तान 

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper