सहजयोग में तर्क व बुद्धिवाद से उत्पन्न सभी प्रश्नों का हल पाना संभव है
नास्तिकता का अर्थ है ईश्वर या किसी भी देवता के अस्तित्व में विश्वास न करना। व्यक्ति जो किसी भी धर्म को नहीं मानता, उसे भी नास्तिक कहा जाता है। नास्तिकता ईश्वर के अस्तित्व को नकारती है । ऐसे व्यक्ति मानते हैं कि ईश्वर का अस्तित्व झूठ है, या ईश्वर का अस्तित्व अत्यंत कम संभावना वाली एक काल्पनिक परिकल्पना है। फिर भी यह बात बनी हुई है कि नास्तिकता का ऐसा लक्षण-चित्रण अन्य तरीकों से अपर्याप्त है।
कहा जाता है कि हम आस्तिक को नास्तिक बना सकते हैं, लेकिन नास्तिक को आस्तिक बनाना अत्यंत कठिन सा लगता है क्योंकि नास्तिकता सत्य, तर्क, बुद्धिवाद, विवेकवाद, विज्ञान से जुड़ा हुआ सिद्धांत हैं। ऐसे व्यक्ति आँख बंद करके परम्परा से चली आ रही अवधारणाओं पर सहज विश्वास नहीं कर पाते। वे खुद सत्य और असत्य की खोज करेंगे, सत्य को महसूस करेंगे तो ही मानेंगे, नहीं होगा तो उसे उधर ही छोड़ देंगे।
वास्तव में ऐसे व्यक्ति प्रमाण चाहते हैं कि ईश्वर सचमुच है, वे सत्य की खोज में रहते हैं। सहजयोग ध्यान में आप परम चैतन्य की उपस्थिति को प्रत्यक्ष अनुभव कर सकते हैं। यह अनेक बार वैज्ञानिक, चिकित्सकीय, मानसिक व शारीरिक स्तरों पर लाखों व्यक्तियों द्वारा अनुभव किया जा सका है। अत: प्रत्येक वह व्यक्ति जो परम शक्ति की प्रमाणिकता को अनुभव करना चहता है शुद्ध इच्छा लिए वह सहज योग केंद्र में आ सकता है, शर्त सिर्फ यह है कि वह अपनी शुद्ध इच्छापूर्ति हेतु अडिग रहे।
सहज योग केंद्र में श्री माताजी के समक्ष सहजयोगी साधक जब नये साधकों को आत्मसाक्षात्कार देते हैं तो नये साधकों की शुद्ध इच्छा के कारण कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है और कुंडलिनी के रीढ़ की हड्डी से होते हुये उपर उठते ही सभी चक्र व नाड़ियाँ संतुलित होने लगती हैं और हमारे अंदर ईश्वरीय शक्ति चैतन्य रुप में प्रवाहित होने लगती है। यही ईश्वर के होने का सबूत है।
ईश्वर को लेकर असमंजस की स्थिति वाले लोग जब अशांत प्रकृति को लेकर सहज योग में आते हैं, तब उनके पूर्व के अनुभव के आधार पर वे बताते हैं कि बिना सोचे समझे दूसरों का अनुसरण करने और गलत गुरुओं के पास जाने से उनकी स्थिति ऐसी हुई है। ऐसे लोग भी सहज योग ध्यान धारणा के बाद दिव्य शक्ति के अनुभव से शांत होकर, राहत महसूस करने लगते हैं। ध्यान में उतरते ही बहुत से सुखद संयोग घटित होते हैं, कई चमत्कारों का अनुभव होता है और अंततः वे यह समझने लगते हैं कि कोई शक्ति है जो उन्हें सही मार्ग पर ले जा रही है। यदि आप पवित्र इच्छा से सहज योग में आकर ईश्वरीय शक्ति की अनुभूति लेना चाहते हैं तो आपका हमारे सहज योग केंद्रों में स्वागत है।
सहज योग को गहनता से समझने,जुड़ने और आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करने हेतु अपने नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 से प्राप्त कर सकते हैं या वेबसाइट www.sahajayoga.org.in पर देख सकते हैं। सहज योग पूर्णतया निशुल्क है।

