कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में संभाग के कलेक्टर्स ने प्रस्तुत की जिलों की कृषि कल्याण वर्ष कार्य योजना
इन्दौर। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आज संभागायुक्त कार्यालय में कलेक्टर्स कान्फ्रेंस आयोजित की गई। कान्फ्रेंस में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संयुक्त आयुक्त विकास श्री डी.एस. रणदा, उपायुक्त राजस्व श्रीमती सपना लोवंशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सभी कलेक्टर्स ने कृषि कल्याण वर्ष कार्ययोजना के तहत किये जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि यह वर्ष कृषि कल्याण वर्ष है, अत: शासन द्वारा विभागीय रूप से निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिये कार्य समयसीमा और गुणवत्ता के साथ सम्पन्न करें। ऐसी योजनाएं और कार्यक्रम बनायें, जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो। कृषि उत्पादन बढ़े और कृषकों को अपनी उत्पाद का अच्छा दाम मिले। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया है कि सभी कृषकों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मिले, यह भी सुनिश्चित किया जाये। संभाग में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिये पशु पालकों को दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। आंबेडकर कामधेनू पशु योजना को प्रोत्साहित करें। सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े ने किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष में योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही करने वाले बड़वानी के पशुपालन व डेयरी विभाग के उपसंचालक लक्ष्मण सिंह बघेल को बैठक में ही निलंबित करने के निर्देश दिए। बैठक समाप्त होने से पूर्व निलंबन के आदेश भी जारी किए। इस सम्बंध में सम्भागायुक्त ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि दुधारू पशुओं के लिये अलग से प्रकोष्ठ बनायें जायें। गौशालाओं को मजबूत किया जाये। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिये मछुआरों को बेहतर सुविधाएं दी जाये। लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाये। ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जाये। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को न्यायालयों का निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों पर फोकस होकर निराकरण करने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त ने कहा कि संभाग में नामांतरण, बंटवारा, बटांकन, सीमांकन और स्वामित्व योजना के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। पेंशन के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाये। सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त करने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। भूमि अधिग्रहण और भू-अर्जन के प्रकरण समयसीमा में पूरा करें। राजस्व वसूली में तेजी लायें और सतत इसकी मॉनीटरिंग करें। संभाग के सभी उपार्जन केन्द्रों पर रबी फसलों की खरीदी तय समय पर शुरू करायें और वहां सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करायें। किसानों के सत्यापन के कार्य को प्रमुखता से संपादित करें। सभी जिलों में नरवाई जलाने की घटनाएं नहीं हो, यह भी सुनिश्चित करें। नगरीय क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता एवं परीक्षण करायें। पानी की टंकियों का समय पर क्लोरोफिकेशन किया जाये। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल के कनेक्शन के लक्ष्यों को हासिल करें। गर्मियों को देखते हुए अपने क्षेत्र में हैंडपम्पों का संधारण किया जाये। सभी को शुद्ध और पर्याप्त जल मिल सके, यह सुनिश्चित किया जाये। अमृत-2 योजना का समुचित प्रचार-प्रचार किया जाये। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान को त्वरित गति से बढ़ाया जाये, ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जाये। मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना का बढ़ावा दें। अपने-अपने क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पुल-पुलियाओं का संधारण किया जाये। सभी कार्यों को पोर्टल पर भी दर्ज करायें।
डॉ. खाड़े ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिये श्रमयोगी मानधन योजना एक बेहतर योजना है। इसका अच्छे से प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इसका लाभ उठा सके। इसके लिये ई-श्रम पंजीयन कराना जरूरी है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और आँगनवाड़ी केन्द्रों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाये। सीएम हेल्पलाईन में दर्ज शिकायतों का शीघ्र निराकरण किया जाये। कुपोषण को रोकने हेतु आँगनवाड़ी केन्द्रों में पर्याप्त पूरक आहार मिले, यह सुनिश्चित किया जाये। जनजाति कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास द्वारा संचालित छात्रावासों और विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाये। जनजाति वर्ग के बच्चों के लिये ग्रीष्मकालीन अवकाश में कैरियर काउंसिलिंग की व्यवस्था की जाये। साथ ही सांदीपनि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। धरबी आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के कार्यों की समीक्षा करें। संभाग के सभी जिलों में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाये। नया सत्र शुरू होते ही बच्चों को पाठ्यपुस्तकें, साइकिल आदि का वितरण हो सके, यह सुनिश्चित किया जाये। लखपति दीदी हेतु बैंक ऋण वितरण के लक्ष्यों की प्रगति सुनिश्चित करने हेतु तेजी लायें। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा किये जा रहे कार्यों की सतत मॉनीटरिंग करें। संभाग के सभी जिलों में संचालित आईटीआई के ट्रेनिंग प्रोग्राम की समीक्षा की जाये।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े से सभी कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अंगदान और देहदान के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता कार्यक्रम चलायें। अधिक से अधिक संकल्प पत्र भरवाये जायें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रिंकेश वैश्य, महिला एवं बाल विकास की संयुक्त संचालक सुश्री संध्या व्यास, शिक्षा विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती चौहान ने भी अपने विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

