ब्राह्मण समाज की संयुक्त बैठक में युवा प्रकोष्ठ के गठन और दीपावली मिलन समारोह पर बनी रूपरेखा
संगठन की मजबूती, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक एकजुटता पर दिया गया जोर
छुरा। ब्राह्मण समाज तहसील छुरा, महिला प्रकोष्ठ एवं युवा ब्राह्मण प्रकोष्ठ की संयुक्त बैठक श्री मानस मंदिर प्रांगण छुरा में आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ भगवान परशुराम जी की पूजा-अर्चना एवं आराधना के साथ किया गया। इस अवसर पर समाज के संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, युवाओं को सक्रिय रूप से जोड़ने तथा आगामी सामाजिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य रूप से युवा ब्राह्मण समाज के गठन एवं पुनर्गठन, दीपावली मिलन समारोह के आयोजन तथा भविष्य में आयोजित होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित समाजजनों ने इस बात पर जोर दिया कि समाज की एकता और मजबूती के लिए सभी वर्गों एवं प्रकोष्ठों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। विशेष रूप से युवाओं को समाज की गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए आगे लाने पर चर्चा हुई।
बैठक में महिला प्रकोष्ठ की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए समाज की महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा सामाजिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विचार किया गया। समाज के सभी प्रकोष्ठों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही दीपावली मिलन समारोह को आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकजुटता के प्रतीक के रूप में आयोजित करने को लेकर भी चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने समाजहित में मिल-जुलकर कार्य करने और संगठन को नई दिशा देने की बात कही। युवा ब्राह्मण समाज के गठन को लेकर हुई चर्चा को युवाओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के लोगों के बीच संपर्क, सहयोग एवं समन्वय को और मजबूत बनाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
इस संयुक्त बैठक में ब्राह्मण समाज तहसील छुरा, महिला प्रकोष्ठ एवं युवा ब्राह्मण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री सहित विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य समाज को एकजुट रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना और आने वाले समय में समाज के कार्यक्रमों को योजनाबद्ध तरीके से संपन्न कराना रहा।

