सरहद पर भारत की 'अश्नि' शक्ति: पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन प्लाटून की तैनाती शुरू, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर
पाकिस्तान से लगती भारत की सीमा पर ड्रोन प्लाटून अश्नि की तैनाती शुरू की गई है। कश्मीर से गुजरात तक समूची 3323 किलोमीटर लंबी सीमा पर तीन महीनों के भीतर तैनाती पूरी हो जाएगी। सूत्रों ने बताया कि अश्नि प्लाटून को ड्रोन के अलावा एंटी ड्रोन तकनीक से भी लैस किया जा रहा है। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद से रक्षा तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया था। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर इसमें और तेजी आ गई। सबसे ज्यादा फोकस ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती पर है।
सेना के सूत्रों ने बताया कि अश्नि प्लाटून सेना द्वारा हाल में विशेष रूप से बनाई गई ड्रोन यूनिट है। इसके तहत पैदल सेना की हर बटालियन में एक अश्नि प्लाटून तैयार की जा रही है, जिसमें 25-30 जवानों की एक विशेष यूनिट है, जो ड्रोन से लैस हैं। इससे वे निगरानी, जासूसी और हमले करने में सक्षम हैं। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पर इंफ्रेंट्री बटालियनों में इन यूनिटों को तैनात किया जाने लगा है।
सूत्रों ने बताया कि पहले चरण में पाक सीमा पर और दूसरे चरण में चीन सीमा पर तैनात बटालियनों को अश्नि प्लाटून से लैस किया जा रहा है। इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में तैनात इंफ्रेंट्री को भी अश्नि प्लाटून से लैस किया जाएगा। सेना खुद भी अपने लिए ड्रोन तैयार कर रही है।
यूनिटों को एंटी ड्रोन तकनीक से लैस किया जाएगा। ड्रोन जैमर, एंटी ड्रोन गन से लैस किया जा रहा। यह तैयारियां मिशन सुदर्शन चक्र के अतिरिक्त होंगी। बता दें कि मिशन सुदर्शन चक्र के तहत समूची सीमा एयर डिफेंस की जद में होगा।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

