इंदौर निवासी शासकीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग दंपत्ति 3 दिन रहें डिजिटल अरेस्ट, साइबर सेल की खबर पढ़ने पर पुलिस से किया संपर्क

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 स्टेट साइबर सेल इंदौर द्वारा एक सेवानिवृत्त शासकीय मेडिकल ऑफिसर के डिजिटल अरेस्ट में करोड़ों की राशि खोने तथा तीन साइबर अपराधी पकड़े जाने की इंदौर के अखबारों में दिनांक 22/11/2025 को प्रकाशित खबर को पढ़ते ही, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल से प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हुई महिला तथा बैंक से सेवानिवृत हुए उनके पति द्वारा तत्काल स्टेट साइबर सेल के पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर, पिछले तीन दिन से इसी घटनाक्रम से गुजरते हुए, अपराधियों द्वारा लगातार कैमरे की निगाह में रखकर डिजिटल अरेस्ट की व्यथा बताई गई। स्टेट साइबर सेल इंदौर की महिला निरीक्षक श्रीमती सरिता सिंह एवं उप निरीक्षक आशीष जैन द्वारा दंपति के निवास पर तत्काल पहुंचकर बुजुर्ग दंपत्ति को तत्काल साइबर अपराधियों द्वारा कैमरे की निगाह में रखें जाने की कार्रवाई बंद करवाई तथा मोबाइल डिवाइस की सेटिंग में संदिग्ध नंबर ब्लॉक करवाते हुए, एनसीआरपी वेबसाइट पर रिपोर्ट करवाई गई।

घटना विवरण:- इंदौर में एयरपोर्ट के निकट एक पोश कॉलोनी में रिटायरमेंट के बाद रहने वाले वरिष्ठ नागरिक एवं उनकी पत्नी, जो कि दोनों क्रमशः बैंक एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत रह चुके थे, को पिछले कई दिनों से अनजान नंबरों से कॉल आ रहे थे तथा कॉलर सीबीआई के पुलिस अधिकारी होना बता रहे थे तथा इन दंपति के आधार कार्ड की कुछ जानकारी दे रहे थे। शुरू में, इन्होंने कॉलर की बातों पर ध्यान नहीं दिया पर 3 दिन पहले कॉलर ने बताया कि वह बहुत ही बड़ी मुश्किल में फंसने वाले हैं तथा सीबीआई की टीम उनके घर पहुंच कर उन दोनों को गिरफ्तार करके मुंबई ले जाएगी क्योंकि उनके आधार कार्ड का उपयोग, केनरा बैंक मुंबई में एक खाता खोलने में किया गया है तथा उसमें में करोड़ों की राशि के ट्रांजैक्शन हुए हैं तथा 10% के हिसाब से, अपने आधार कार्ड से खाता खुलवाने के एवज में अवैध कमीशन इन बुजुर्ग दंपत्ति द्वारा लिए जाने का आरोप तथाकथित सीबीआई अफसर ने लगाया। वीडियो कॉलिंग करके इनको पुलिस एवं कोर्ट का दृश्य दिखाया गया तथा 24 घंटे कैमरा चालू रखने की हिदायत दी गई। दंपति द्वारा भयभीत होकर उनकी कहीं बातों का पालन किया गया। दूसरे दिन जब बेडरूम की साफ सफाई करने घरेलू कार्य करने वाली महिला आई तो साइबर अपराधियों द्वारा दंपति को फटकार लगाई गई कि उस कमरे में किसी को भी आने की अनुमति नहीं है । राज्य सायबर पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मोंके पर पहुँची, जैसे ही पुलिस वर्दी में महिला निरीक्षक को उन्होंने अपनी स्क्रीन पर देखा तो कैमरा बंद कर दिया और मुंबई पुलिस का लोगो स्क्रीन पर डिस्प्ले कर दिया, असली पुलिस को सामने देख थोड़ी देर में सायबर अपराधियों ने घबराकर फोन डिसकनेक्ट कर दिया।

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