इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग की फर्जी शादी कराने वाले मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश
पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर। इंदौर पुलिस ने मानव तस्करी और नाबालिग बालिकाओं की फर्जी शादी कराने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य षड्यंत्रकर्ता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई थाना बाणगंगा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले की जांच के दौरान की।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता की गरीबी और पारिवारिक मजबूरी का फायदा उठाकर उसे अधिक पैसे कमाने और मकान खरीदने का लालच दिया। इसके बाद उसके आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दर्शाया गया और स्वयं को उसके परिजन बताकर रतलाम निवासी युवक से करीब 3 लाख रुपये में फर्जी शादी करा दी गई।
इसी दौरान पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई अपहरण की रिपोर्ट पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। पुलिस की सख्ती से घबराकर आरोपी पीड़िता को वापस इंदौर छोड़ गए, जहां उसने पूरी घटना का खुलासा किया।
मामले में पुलिस ने संजू उर्फ संजय यादव, रामविलास उर्फ राकेश यादव, संजु पाटीदार तथा नंदराम पाटीदार को गिरफ्तार किया है। वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि गिरोह पहले भी कई नाबालिग बालिकाओं की फर्जी शादी कराकर मानव तस्करी कर चुका है और इसका नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है। पुलिस फर्जी दस्तावेज, अवैध लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
इंदौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति नाबालिग बालक-बालिकाओं को शादी, नौकरी या अधिक पैसे का लालच देकर बहलाने-फुसलाने का प्रयास करे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर समय रहते रोक लगाई जा सके।

