ईरान संकट का असर: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी विरोध प्रदर्शन, घाटी के कई हिस्सों में पाबंदियां लागू
नई दिल्ली। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की हमले में मौत से आक्रोशित लोगों ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तस्वीरें, पोस्टर, बैनर और ईरानी झंडे लेकर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ प्रदर्शन किया। रविवार को कारगिल-द्रास में बड़ी संख्या में शिया व सुन्नी दोनों समुदाय के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।जम्मू-कश्मीर में शिया समुदाय के बड़े धार्मिक संगठन अंजुमन-ए-शरी शियान ने प्रदेश में 40 दिन के शोक का एलान किया है। श्रीनगर में लाल चौक पर शिया समुदाय के हजारों लोग इकट्ठा हो गए। यहां शाम तक प्रदर्शन, शोक सभा और अजादारी होती रही। वहीं, अब प्रदर्शनों के चलते कश्मीर के कुछ हिस्सों में कई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
रविवार को लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। विरोध को रोकने के लिए लाल चौक इलाके को प्रशासन ने सील कर दिया है। घंटाघर (क्लॉक टॉवर) के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गईं हैं। अधिकारियों ने बताया यह फैसला संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए शहर भर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने कहा कि शहर में आने वाले जरूरी चौराहों पर तार और बैरिकेड लगाए गए हैं। घाटी के दूसरे जिलों में शिया बहुल इलाकों में भी इसी तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं।
अमेरिका और इस्राइल ने शनिवार को ईरान पर हमला शुरू किया था। रविवार सुबह होने से पहले ही मिसाइल हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर आई। शिया बहुल इलाकों में प्रदर्शन शुरू हो गए। लोग अपने गम और गुस्से का इजहार करने लगे। श्रीनगर में लाल चौक पर शिया समुदाय के हजारों लोग इकट्ठा हो गए। यहां शाम तक प्रदर्शन, शोक सभा और अजादारी होती रही। बडगाम, बांदीपोरा, पुलवामा सहित कश्मीर के कई इलाकों में शांतिपूर्ण शोक प्रदर्शन हुए। शिया युवाओं ने हाथों में अपने सबसे बड़े धार्मिक नेता अयातुल्ला खामनेई की तस्वीर हाथों में ले रखी थी। उनकी आंखों में आंसू थे और लगातार नारे लगा रहे थे। इस बीच अंजुमन-ए-शरी शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन अल-मूसावी अल-सफवी ने 40 दिन के शौक का एलान किया।
साभार अमर उजाला

