घर से लापता दो नाबालिग बालकों की करैरा पुलिस ने तलाश कर परिजनों को सौंपा

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पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, गुमशुदा बालकों की दस्तयाबी में टीम की सराहनीय भूमिका
करैरा। घर से बिना बताए चले गए दो नाबालिग बालकों की तलाश में करैरा पुलिस ने तत्परता और गंभीरता का परिचय देते हुए दोनों को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिवारजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से चिंता में डूबे दोनों परिवारों को राहत मिली।
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को एक फरियादी ने अपने 16 वर्षीय नाबालिग पुत्र के घर से बिना बताए चले जाने की रिपोर्ट थाना करैरा में दर्ज कराई थी। मामले में धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। इसी प्रकार 8 सितंबर 2026 को एक अन्य फरियादी ने अपने 14 वर्षीय नाबालिग पुत्र के घर से बिना बताए चले जाने की सूचना पुलिस को दी थी। इस मामले में भी धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर बालक की तलाश शुरू की गई।
बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी को लेकर पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भुटिया द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में पुलिस ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए तलाश अभियान चलाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति के निर्देशन तथा एसडीओपी करैरा आनंद राय के कुशल मार्गदर्शन में विवेचना टीम ने विभिन्न स्तरों पर प्रयास करते हुए दोनों नाबालिगों की तलाश की।
लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप 17 सितंबर 2026 को दोनों नाबालिग बालकों को दस्तयाब कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई के उपरांत दोनों को उनके परिवारजनों के सुपुर्द किया गया। बच्चों के सकुशल वापस मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद छाबई, सहायक उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र यादव एवं महेश मांझी तथा आरक्षक शिवम यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
करैरा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि नाबालिगों की गुमशुदगी जैसे मामलों में त्वरित सूचना और पुलिस की सक्रियता परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
शिवपुरी जिला ब्यूरो
हेमंत भार्गव

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