खजराना पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा कत्ल, प्रेमी गिरफ्तार
शादी से इनकार करने पर युवती की गला दबाकर हत्या, शव जलाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
राजेश धाकड़
इंदौर। पुलिस कमिश्नरेट इंदौर की खजराना थाना पुलिस ने मात्र 48 घंटे में एक अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती द्वारा शादी से इनकार किए जाने से नाराज आरोपी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने व पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को जलाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी, पुलिस उपायुक्त जोन-2 अमन सिंह राठौड़, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेन्द्र सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त खजराना आशीष पटेल के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह सेंधव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मामले की त्वरित जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को थाना खजराना क्षेत्र के तपेश्वरी बाग में एक युवती का जला हुआ शव मिलने की सूचना मिली थी। इस पर थाना खजराना में धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर मृतका के मित्र मयंक को संदेह के दायरे में लिया।
पूछताछ एवं जांच में सामने आया कि मृतका और आरोपी मयंक पिछले करीब पांच वर्षों से मित्र थे। आरोपी मृतका से विवाह करना चाहता था, लेकिन मृतका द्वारा अचानक शादी से इनकार कर दिए जाने से वह नाराज हो गया। इसी विवाद के चलते आरोपी ने युवती की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद घटना को आत्महत्या या जलकर मौत का रूप देने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य (35) निवासी गुप्ता पूरा, चीनोर रोड, डबरा, जिला ग्वालियर को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध थाना खजराना में अपराध क्रमांक 615/2026 के तहत धारा 103(1) एवं 238(ए) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की। आरोपी स्नातक है और इलेक्ट्रिशियन का कार्य करता है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक मनोज सिंह सेंधव, टीआईसी अनिल गौतम, उप निरीक्षक श्रद्धा पंवार, प्रधान आरक्षक पंकज सांवरिया, नरेश चौहान, योगेश झोपे, आरक्षक शुभम सिंह, जबर सिंह, अमित भदौरिया, प्रवीण चौहान एवं विनीत मिश्रा सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई और आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी।

