किम जोंग उन का नया समरुंद्री हथियार: नॉर्थ कोरिया की नौसेना में शामिल हुआ घातक डिस्ट्रॉयर 'चोए ह्योन'
नई दिल्ली. 24 जून 2026 को नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने पश्चिमी बंदरगाह नाम्पो में 5000 टन वाले नए डिस्ट्रॉयर 'चोए ह्योन' को नौसेना में शामिल कर दिया. किम ने इस युद्धपोत को देश की बढ़ती नौसेना और परमाणु क्षमता का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि नॉर्थ कोरिया की नौसेना सिर्फ तट की रक्षा करने वाली ताकत नहीं रही, बल्कि रणनीतिक हथियारों से लैस एक कंपलीट मिलिट्री पावर बन रही है.
यह घटना ऐसे समय हुई है जब नॉर्थ कोरिया अपनी नौसेना को परमाणु हथियारों से मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. चोए ह्योन क्लास का यह पहला युद्धपोत अप्रैल 2025 में लॉन्च किया गया था. इसमें एंटी-एयरक्राफ्ट, एंटी-शिप हथियार, परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें लगी हैं. रूस की मदद से यह जहाज बनाया गया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध गहरे हो गए हैं.
चोए ह्योन नॉर्थ कोरिया का अब तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है. इसकी लंबाई करीब 145 मीटर है. इसमें 88 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) सेल्स हैं, जो विभिन्न आकार के मिसाइलों को लॉन्च कर सकते हैं. इसमें 127 या 130 मिलीमीटर की नौसेना तोप, क्लोज-इन वेपन सिस्टम, टॉरपीडो लॉन्चर और एंटी-शिप मिसाइलें भी हैं.
किम जोंग उन ने कहा कि यह जहाज पश्चिमी तट की रक्षा करेगा और प्री-एम्पटिव हमले हमले की क्षमता बढ़ाएगा. मार्च 2026 में इस जहाज से परमाणु क्षमता वाले क्रूज मिसाइलों का परीक्षण भी किया गया था. किम ने दावा किया कि आधी सदी से चली आ रही समुद्री संप्रभुता की रक्षा अब एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है.
यह विकास नॉर्थ कोरिया की नौसेना रणनीति में बड़े बदलाव को दिखाता है. पहले बैलिस्टिक मिसाइलों पर फोकस था, अब नौसेना क्षमता पर जोर दिया जा रहा है. इसमें परमाणु पनडुब्बी का निर्माण भी शामिल है.
साभार आज तक

