अस्पताल के खाने में निकले 'जिंदा कीड़े': कोकिलाबेन अस्पताल में मासूम की जान से खिलवाड़

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​प्रशासन की टीम ने मारा छापा, किचन के सीलबंद पैकेटों में भी रेंगते मिले कीड़े; सैंपल जब्त

दीपक वाड़ेकर 
​इंदौर। शहर के प्रमुख और खुद को सुरक्षित बताने वाले कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की एक बड़ी और शर्मनाक लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में भर्ती एक 5 साल के मासूम बच्चे कबीर मालवीय को परोसे गए खाने में 'जिंदा कीड़े' रेंगते हुए दिखाई दिए। परिजनों द्वारा हंगामे और शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की CMO टीम ने मौके पर पहुंचकर किचन का मुआयना किया, जहाँ खाद्य सामग्री के पैकेटों में भी कीड़े घूमते पाए गए।
​क्या है पूरा मामला?
​मिली जानकारी के अनुसार, 5 साल का मासूम कबीर मालवीय अस्पताल में उपचाराधीन है। रविवार को जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से बच्चे के लिए खाना आया, तो उसे देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। दाल-चावल की थाली में साफ तौर पर कीड़े रेंग रहे थे। परिजनों ने तुरंत इसका वीडियो बनाया और अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया।
​जांच में खुली पोल: किचन में मिला कीड़ों का अंबार
​शिकायत मिलते ही प्रशासन की ओर से CMO टीम कोकिलाबेन अस्पताल पहुंची। जब टीम ने अस्पताल के किचन और स्टोर रूम की जांच की, तो वहां की स्थिति बेहद खराब मिली। हैरानी की बात यह है कि केवल थाली में ही नहीं, बल्कि स्टोर में रखे राशन के सीलबंद पैकेटों के भीतर भी कीड़े रेंगते हुए पाए गए। टीम ने तत्काल प्रभाव से खाने के सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया है।
​महंगी फीस, पर घटिया सर्विस
​पीड़ित बच्चे के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलता है, लेकिन साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता के नाम पर मरीजों को 'जहर' परोसा जा रहा है। 5 साल के बच्चे को ऐसा संक्रमित खाना देना जानलेवा साबित हो सकता था।
​प्रशासन की कार्रवाई का इंतज़ार
​फिलहाल खाद्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब देखना यह है कि शहर के इतने बड़े अस्पताल के खिलाफ प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है। क्या केवल जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा या मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले इस प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई होगी?

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