इंदौर में सरकारी राशन की कालाबाजारी का बड़ा भंडाफोड़: 100 कट्टे अवैध अनाज से भरी गाड़ी पकड़ी, गाड़ी मालिक और व्यापारी पुलिस हिरासत में
राजेश धाकड़
इंदौर के थाना गांधी नगर क्षेत्र में गरीबों के हक के सरकारी राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सजग नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तत्परता के चलते सरकार की तरफ से बांटे जाने वाले पीडीएस (PDS) राशन से लदी एक गाड़ी को रंगे हाथों पकड़ा गया है। गाड़ी में करीब 100 कट्टे सरकारी अनाज भरा हुआ था, जिसे अवैध रूप से खपाने की तैयारी थी।
मानव अधिकार पदाधिकारी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी कर पकड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सरकारी राशन की हेराफेरी की सूचना मिलने पर सामाजिक और संगठन के कार्यकर्ता सक्रिय हुए। इसी कड़ी में मानव अधिकार के तनिष्क "मोनू" चौकसे, बजरंग दल के बाहुबली प्रखंड संयोजक रोहित बढ़वाया, सक्रिय कार्यकर्ता हेमराज यादव और प्रखंड गोरक्षा प्रमुख राहुल राठौर ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस संदिग्ध गाड़ी की घेराबंदी की और उसे रोक लिया।
गाड़ी में लदे कट्टों की जांच करने पर साफ हो गया कि यह सरकारी नियंत्रण का राशन है, जिसे अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं की इस संयुक्त व त्वरित कार्रवाई से राशन माफियाओं के मंसूबों पर पानी फिर गया।
प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप, MIC सदस्य को दी सूचना
गाड़ी पकड़े जाने के तुरंत बाद इन सभी साथियों ने इसकी आधिकारिक सूचना इंदौर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और गांधी नगर पुलिस थाना को दी। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के एमआईसी (MIC) सदस्य मनीष मामा को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। इतनी बड़ी तादाद में सरकारी राशन पकड़े जाने की खबर मिलते ही विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
गाड़ी मालिक बंटी और माल मालिक रामजी गुप्ता से पूछताछ शुरू
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध राशन से भरी गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके से गाड़ी के मालिक, जिसकी पहचान बंटी के रूप में हुई है, और अवैध माल के असली मालिक रामजी गुप्ता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
थाना पुलिस के अनुसार: "फिलहाल बंटी और रामजी गुप्ता से थाने में कड़ी पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह राशन किस सरकारी दुकान से निकाला गया था और इसे कहाँ सप्लाई किया जाना था। इस रैकेट में कौन-कौन शामिल है, इसकी भी जांच होगी।"
खाद्य विभाग करेगा कड़ी कानूनी कार्रवाई
मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की एक विशेष टीम इस पूरे मामले के दस्तावेजों और जब्त माल की जांच कर रही है। राशन की कालाबाजारी (Black Marketing) करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त से सख्त मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की

