इंदौर मंडी में राजस्व और व्यवस्थाओं में बड़ा सुधार

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7 सितंबर तक करीब ₹35 करोड़ राजस्व, पीक सीजन में 70–80 करोड़ की अतिरिक्त आय का अनुमान
पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर। कृषि उपज मंडी समिति इंदौर में पिछले कई महीनों से राजस्व और कृषि उपज की आवक में रही गिरावट के बाद अब सुधार के दावे सामने आए हैं। मंडी सचिव श्री ओ.पी. खेड़े द्वारा 23 फरवरी 2026 को पदभार ग्रहण करने के बाद व्यवस्थाओं की समीक्षा कर अप्रैल से अगस्त के बीच कई स्तरों पर सुधारात्मक कदम उठाए गए।
मंडी बोर्ड भोपाल ने इंदौर मंडी के लिए 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹118 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं मंडी समिति इंदौर ने इससे अधिक ₹120 करोड़ का वार्षिक राजस्व लक्ष्य तय किया है। प्रेस नोट के अनुसार, 7 सितंबर तक करीब ₹35 करोड़ का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। मंडी का मुख्य पीक सीजन अभी बाकी है, जिसमें ₹70 से ₹80 करोड़ राजस्व प्राप्त होने का अनुमान जताया गया है।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत
मंडी प्रांगण में लापरवाही, प्रकरण दर्ज नहीं करने और अवैध वसूली से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी बदली गई और नोटिस जारी किए गए। मंडी प्रशासन का दावा है कि कृषि उपज की चोरी पर प्रभावी रोक लगाई गई है, जिससे किसानों को सुरक्षा मिलने के साथ मंडी शुल्क में भी वृद्धि हुई है।
निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चेकिंग नाकों पर सीसीटीवी कैमरे संचालित किए गए हैं। कर्मचारियों, स्थायी कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी में वास्तविक रोटेशन व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन के अनुसार, इसी व्यवस्था से मंडी की आय और आवक में सुधार देखने को मिला है।
किसानों और मंडी कर्मकारियों के लिए सुविधाएं
मंडी परिसर में बेहतर सुरक्षा एवं आपसी तालमेल के लिए कर्मचारियों को वॉकी-टॉकी उपलब्ध कराए गए हैं। मंडी कर्मकारियों के लिए जगह-जगह आरओ वॉटर लगाए गए हैं। पुराने एवं गंदे शौचालयों और कृषक भवन की साफ-सफाई के साथ उनका जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण भी कराया गया है।
फल-सब्जी मंडी में जाम से राहत
फल एवं सब्जी मंडी प्रांगण में अनधिकृत ई-रिक्शा और सवारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंडी प्रशासन के अनुसार, इससे प्रांगण में जाम की समस्या कम हुई है और मंडी कर्मकारियों को आवागमन में राहत मिली है।
100 मीट्रिक टन तौल कांटे की तैयारी
फल एवं सब्जी मंडी में व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही 100 मीट्रिक टन क्षमता के तौल कांटे की मांग को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। प्रेस नोट के मुताबिक, दो बार हाईकोर्ट और एक बार मंडी बोर्ड से मामला जीतने के बाद 9 सितंबर 2026 को तौल कांटे के लिए लेआउट जारी किया गया। मंडी प्रशासन का लक्ष्य इसे अनंत चतुर्दशी तक शुरू कराने का है।
बाहरी टीम ने भी किया निरीक्षण
प्रेस नोट में बताया गया है कि वर्तमान में संयुक्त संचालक आंचलिक कार्यालय इंदौर द्वारा फल एवं सब्जी मंडी के चेकिंग नाके और मंडी गेट पर अन्य मंडियों के कर्मचारियों की टीम को तीन दिनों से तैनात किया गया है। मंडी प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान टीम ने प्रतिदिन आय और आवक में वृद्धि देखी तथा वर्तमान व्यवस्था को प्रभावी बताया।
मंडी समिति इंदौर का कहना है कि किसानों, व्यापारियों, हम्मालों, तुलावटियों और कर्मचारियों के सहयोग से इंदौर मंडी को प्रदेश की सबसे पारदर्शी, सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त मंडी बनाने का प्रयास जारी रहेगा।

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